उत्तराखंड मास्टर प्लान के लिए एक समान मानक ला
15 स्तरों में बांटी गई सड़कें; पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए एक जैसे नियम
देहरादून ,
उत्तराखंड के सभी शहरों में अब मास्टर प्लान के एक समान मानक लागू होंगे। आवास विभाग द्वारा उत्तराखंड एकीकृत परिक्षेत्रीय विनियमन (यूनिफाइड जोनिंग रेगुलेशंस) की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
पहले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए नियम अलग-अलग थे, लेकिन नए विनियमन के तहत पूरे प्रदेश में समान मानक तय कर दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव आवास आर. मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जारी अधिसूचना का उद्देश्य सुव्यवस्थित, सतत एवं आपदा-प्रतिरोधी विकास सुनिश्चित करना है। सभी प्रकार के पहुंच मार्गों को 15 अलग-अलग स्तरों में वर्गीकृत किया गया है।
संरक्षित क्षेत्रों के लिए प्रावधान
- राजस्व अभिलेख में दर्ज नदियां, तालाब, झीलें, नाले और धाराओं को संरक्षण उपयोग क्षेत्र में अधिसूचित किया जाएगा।
- इन जल स्रोतों के चारों ओर हरित बफर विकसित होगा, जहां निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- नदी और झीलों के 30 मीटर दायरे में कोई नया निर्माण नहीं हो सकेगा।
- पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों की परिधि से 100 मीटर तक नए निर्माण पर रोक (विद्यमान निर्माण छोड़कर)।
- वन भूमि उपयोग, वन विभाग के नियमों के अनुसार ही संभव होगा।
इस तरह तय किए गए मानक (R1 से R4 क्षेत्रों तक)
R-1 (निर्मित/आबादी क्षेत्र)
- एकल आवास: मैदान 7.5 मीटर, पहाड़ 3 मीटर
- सरकारी क्वार्टर/छोटी दुकान: मैदान 9 मीटर, पहाड़ 6 मीटर
- बैंक, एटीएम, आंगनबाड़ी, स्कूल, पुलिस चौकी आदि: मैदान 12 मीटर, पहाड़ 6 मीटर
R-2 (आवासीय क्षेत्र)
- एकल आवास: मैदान 9 मीटर, पहाड़ 4.5 मीटर
- ग्रुप हाउसिंग/सरकारी क्वार्टर: मैदान 12 मीटर, पहाड़ 6 मीटर
- विद्यालय, धार्मिक भवन, योग केंद्र: मैदान 15 मीटर, पहाड़ 7.5 मीटर
- कैफे, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम: मैदान 18 मीटर, पहाड़ 9 मीटर
R-3 (किफायती आवास क्षेत्र)
- किफायती आवास, खेल मैदान, डेयरी बूथ, प्ले-स्कूल, पुलिस चौकी आदि:
- मैदान 12 मीटर, पहाड़ 6 मीटर
R-4 (ग्रामीण आबादी एवं विस्तार क्षेत्र)
- एकल आवास, दुकान, डेयरी फार्म: मैदान 7.5 मीटर, पहाड़ 4.5 मीटर
- प्राथमिक विद्यालय, बैंक, धार्मिक भवन, वृद्धाश्रम: मैदान 9 मीटर, पहाड़ 6 मीटर
- कॉलेज/विश्वविद्यालय: मैदान 18 मीटर, पहाड़ 9 मीटर
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