22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया दम; मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से किया संवाद
टिहरी झील बनेगी अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर स्पोर्ट्स हब—बड़े आयोजन जारी रखने की बात कही
उत्तराखंड खेलों की नई ऊंचाई पर—राष्ट्रीय खेलों में 103 मेडल, 7वाँ स्थान; राज्य उभर रहा ‘खेलभूमि’ के रूप में
राज्य में बनेंगी 23 नई खेल अकादमियाँ — हर साल 920 इंटरनेशनल एथलीट तैयार होंगे: मुख्यमंत्री
देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को टिहरी झील में आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025’’ एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025’’ के भव्य समापन समारोह में पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उन्होंने भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया और उनके उत्साह एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन तथा उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय आजीविका का प्रमुख आधार बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और केंद्र सरकार ने खेल बजट को तीन गुना बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ “खेलभूमि” के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया, जो अब तक की ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने उदाहरण दिया कि देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित आइस रिंक में हाल ही में अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिससे राज्य शीतकालीन खेलों का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में जल्द ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में हर वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने में तेजी से कार्य कर रही है।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है, और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।