उत्तराखंड में छात्रों को बेहतर शिक्षा मिले इस उदेश्य से उच्च न्यायालय में डाली गई थी जनहित याचिका
देहरादून ,
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं 2022 में लोहाघाट से पार्टी के प्रत्याशी राजेश बिष्ट ने उत्तराखंड में छात्रों को बेहतर शिक्षा मिले इस उदेश्य से उच्च न्यायालय नैनीताल में एक जनहित याचिका विद्वान अधिवक्ता केके शर्मा के माध्यम से दाखिल की थी, जिस पर उच्च न्यायालय में सुनवाई के उपरांत राज्य के मुख्य सचिव सहित छह वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा गया है। आज परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि जनहित याचिका में उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पठन पाठन की स्थिति सरकार की लापरवाही के कारण अत्यंत दयनीय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के शिक्षा के माडल से प्रभावित होकर राजेश बिष्ट पिछले चार वर्षों से जिला चंपावत में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने तथा बच्चों को बेहतर शिक्षा का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के अभिभावकों के साथ मिलकर शिक्षा विभाग से लगातार पत्राचार कर व्यवस्था में सुधार की गुहार लगाई, लेकिन विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि विगत माह राजेश बिष्ट द्वारा जिला चंपावत के कुछ स्कूलों का दौरा किया गया तो पता चला कि अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों के कई कई पद रिक्त हैं, कई स्कूल भवन इतने जर्जर हैं कि कभी भी कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि चंपावत जिला जहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रिकार्ड मतों से विधानसभा का चुनाव जीते और उसी जिले में कुछ माह पूर्व एक जर्जर स्कूल के भवन के गिरने से एक बालक की मृत्यु हो गई थी तथा कुछ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इस घटना से भी प्रदेश सरकार ने सबक नहीं लिया। इसी चंपावत जिले में कुछ माह पूर्व आठवीं तक के बच्चों को दी जाने वाली सरकारी पुस्तके बड़ी संख्या में नाली में पड़ी मिली थी। उन्होंने कहा कि जनहित याचिका में अधिकांश स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था सुचारु नहीं है, शौचालय इतने गंदे हैं कि उनका उपयोग करना बीमारी को न्योता देना है। उन्होंने कहा कि बिजली न होने के कारण कुछ स्कूलों में कंप्युटर धूल फांक रहे हैं, छात्रों को इंटरनेट की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जो कि आज के जमाने अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी मोदी सरकार की गलत नीतियों का, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के काले कारनामों को जनता के सामने उजागर करने वाले देश के उन सभी राजनेताओं को अलग अलग तरीके से इरा रही है। उन्होंने कहा कि उनमें से सबसे प्रमुख चेहरा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि विगत संसद सत्र में संजय सिंह को एक साजिश के तहत पद से निलंबित करके भाजपा ने संकेत दे दिया था कि अगला गिरफ्तारी का नंबर संजय सिंह का है। उन्होंने कहा कि संजय सिंह के घर पर ईडी द्वारा 10 घंटे की तलाशी के बाद एक भी ऐसा प्रमाण नहीं मिला जिसको उनके खिलाफ सबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।