देहरादून,
देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की समस्या गंभीर होती जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य का सनातन स्वरूप बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और सरकार एक-एक इंच भूमि को कब्जे से मुक्त कराएगी।
मुख्य तथ्य:
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वन, राजस्व, रेलवे और पीडब्ल्यूडी की हजारों हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा।
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अब तक 3,500 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया; लगभग 8,000 हेक्टेयर भूमि पर कार्रवाई जारी।
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सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के तहत धार्मिक संरचनाओं और सरकारी जमीनों को हटाया जा रहा है।
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कैबिनेट ने प्रस्ताव पास किया: अतिक्रमण करने पर IPC के तहत मुकदमा और 10 साल तक सजा का प्रावधान।
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नदी, नाले और जलविद्युत परियोजनाओं के आसपास भी अवैध कब्जों पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
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राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिना राजनीतिक दबाव के अवैध रूप से बसे लोगों को हटाया जाए।
CM धामी का बयान:
“हमारी नदियां और जंगल हमारे आराध्य देवी-देवताओं के वास हैं। अवैध कब्जेदार स्वयं कब्जा छोड़ दें, नहीं तो बुलडोजर आएगा।”
उत्तराखंड सरकार का यह अभियान राज्य की भू-संरचना और जनसंख्या संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से जारी है।
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