देहरादून
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया और विश्वविद्यालय की नई दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण किया।
🗣️ मुख्यमंत्री ने कहा —
“कृषि मेले किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच नवाचार व ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों से खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाना हमारा संकल्प है।” 🌱
✨ मुख्य बिंदु एवं घोषणाएँ:
✅ देशभर से 400+ स्टॉल और 200+ स्टार्टअप्स/उद्योगों की सहभागिता
✅ किसानों को ₹3 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण
✅ कृषि उपकरणों पर 80% तक सब्सिडी
✅ नहरों से मुफ़्त सिंचाई
✅ पॉलीहाउस निर्माण हेतु ₹200 करोड़ का प्रावधान
✅ गेहूं पर ₹20/क्विंटल बोनस व गन्ने के मूल्य में ₹20 की वृद्धि
✅ ₹1000 करोड़ की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत
✅ सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति के तहत बागवानी को नई दिशा – 80% सब्सिडी लाभ
🌾 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार भी किसानों के कल्याण हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है।
🎓 कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं और अब तक 20,000 से अधिक किसान प्रतिभाग कर चुके हैं।
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।