देहरादून ,
रिस्पना नगर के निवासियों ने स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि लगभग एक माह से नदी किनारे टूटे हुए पुस्टे (embankments) की मरम्मत नहीं की जा रही है, जिसके कारण बरसात के समय उनके घरों को भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने विभाग से तत्काल मरम्मत, अस्थायी बाढ़-रोधी इंतजाम और प्रभावित परिवारों को राहत पैकेज देने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग को शिकायत भेजी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराज़गी के चलते बड़ी संख्या में लोग रिस्पना नगर एकत्र हुए और घंटों धरना दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और मोहल्ला प्रतिनिधि पार्षद विवेक कोठारी ने किया। कोठारी ने बताया कि वे और अन्य प्रतिनिधि विभाग से लिखित रूप में जवाब मांग चुके हैं। उनका कहना है कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन धरने और बड़े आंदोलन का ऐलान करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टूटी पुस्टों की मरम्मत न होने से न केवल खेतों और घरों को तात्कालिक खतरा है, बल्कि दीर्घकालिक तौर पर पूरे इलाके की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने विभाग से कहा कि अस्थायी बाढ़-रोधी इंतजाम के साथ-साथ स्थायी संरक्षण योजना और नियमित निगरानी तंत्र भी लागू किया जाए, ताकि हर बार बारिश के मौसम में स्थिति दलीय न बने और नागरिकों को संकट का सामना न करना पड़े।