वरिष्ठता विवाद पर न्यायालय में दाखिल होगा ठोस जवाब, धारा-27 के अंतर्गत स्थानांतरण मामलों का निस्तारण तेज करने के निर्देश
देहरादून,
विद्यालयी शिक्षा विभाग में शिक्षकों की वरिष्ठता विवाद से उत्पन्न परिस्थितियों के बीच राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पात्र शिक्षकों को अब अंतरिम प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी करने और विधि विभाग से परामर्श लेकर न्यायालय में ठोस जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी पात्र शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति का लाभ मिले। उन्होंने यह भी माना कि पदोन्नति न होने से विद्यालयों में शिक्षण और मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
बैठक में डॉ. रावत ने अधिकारियों को धारा-27 के अंतर्गत स्थानांतरण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही असाध्य रोगों से पीड़ित शिक्षकों के स्थानांतरण प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा।
मंत्री ने समीक्षा बैठक में कई अन्य बिंदुओं पर भी निर्देश दिए—
-
एससीईआरटी और डायट के प्रशासनिक ढांचे का पुनर्गठन।
-
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिसंख्या अध्यापकों का समायोजन।
-
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक विद्यालय का उच्चीकरण।
-
एनईपी 2020 के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक का पाठ्यक्रम तैयार करना।
-
डी श्रेणी के विद्यालयों के पुनर्निर्माण/मरम्मत के प्रस्ताव शीघ्र नाबार्ड को भेजना।
बैठक में विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, सचिव न्याय प्रशांत जोशी, अपर सचिव कार्मिक ललित मोहन रयाल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. आनंद भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।