उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग की, राज्यपाल से की शिकायत

देहरादून,

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में धांधली और कानून-व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस का एक वृहद प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से राजभवन में मिला।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रशासनिक संरक्षण में धांधली, गुंडागर्दी, गोलीबारी और अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से राज्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने और प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था सुधारने के निर्देश देने की मांग की।

कांग्रेस के आरोप

  • चुनाव में देरी: करण माहरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर सात महीने देर से पंचायत चुनाव कराए ताकि नगर निकायों के मतदाता भी ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान कर सकें।

  • आरक्षण में गड़बड़ी: जिला और क्षेत्र पंचायतों के आरक्षण में नियम विरुद्ध बदलाव किए गए।

  • हिंसा और अपहरण: नैनीताल, बेतालघाट और रुद्रप्रयाग में अपहरण और गोलीबारी की घटनाओं का जिक्र किया गया।

  • निर्वाचन आयोग पर सवाल: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आयोग सरकार की कठपुतली बनकर काम करता रहा और यहां तक कि उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना की।

नेताओं के बयान

  • प्रीतम सिंह: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण नियमों का उल्लंघन हुआ।

  • काजी निजामुद्दीन (विधायक): राज्यपाल संवैधानिक संस्थाओं के संरक्षक हैं, उन्हें सख्त हस्तक्षेप करना चाहिए।

  • सूर्यकांत धस्माना: विपक्ष को राजभवन सचिवालय से समय लेने में दिक्कत होती है, यह उचित नहीं है।

राज्यपाल का आश्वासन

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सरकार को उचित संदेश देंगे। साथ ही भविष्य में विपक्षी दलों को समय देने में कोई कठिनाई नहीं होगी, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

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