उत्तरकाशी / उत्तराखंड ,
हरसिल के पास धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब तक 70 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भूस्खलन और सड़क टूटने के कारण कई इलाके अभी भी बाहरी संपर्क से कटे हुए हैं।
📍 वर्तमान स्थिति
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क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं – बार्तवारी, लिंचिगाड़, गंगरानी और धराली प्रमुख रूप से प्रभावित।
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सड़क मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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सेना और नागरिक प्रशासन मिलकर दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं।
🚁 हेलीपैड और हवाई राहत कार्य
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सेना का हेलीपैड हरसिल में चालू है।
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नेलोंग का हेलीपैड भी चालू है और गंगोत्री से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है।
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धराली का नागरिक हेलीपैड कीचड़ की वजह से अकार्यशील बना हुआ है।
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जॉलीग्रांट से चिनूक और Mi-17 हेलीकॉप्टर तैयार, मौसम अनुकूल होने पर राहत कार्य में जुटेंगे।
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सहस्रधारा से 5 नागरिक हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में लगे हैं।
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आईटीबीपी के मतली हेलीपैड पर अस्थायी एयरबेस की स्थापना की जा रही है।
👨🚒 तैनात बल और संसाधन
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225 से अधिक सैनिक, इंजीनियरिंग, मेडिकल और राहत विशेषज्ञ मौके पर।
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सर्च एंड रेस्क्यू डॉग्स और रेको रडार टीमों की तैनाती से खोज अभियान तेज़।
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एक रेको टीम टेखला में, दूसरी टीम की तैनाती जारी।
🚨 नुकसान और बचाव
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3 नागरिकों की मौत की पुष्टि, जबकि 50 से अधिक लोग लापता।
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1 जेसीओ और 8 जवान लापता (सेना)।
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9 सैनिक और 3 नागरिकों को देहरादून हवाई मार्ग से निकाला गया।
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3 गंभीर रूप से घायल नागरिकों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
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8 नागरिक जिला अस्पताल उत्तरकाशी में भर्ती।
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2 शव बरामद किए गए हैं।
🧭 उच्चस्तरीय निगरानी
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने धराली का दौरा किया।
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सेंट्रल कमांड के आर्मी कमांडर और यूबी एरिया के जीओसी स्वयं मौके पर मौजूद हैं।
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करीब 180-200 पर्यटक गंगोत्री में फंसे हुए, जिन्हें सेना और आईटीबीपी द्वारा भोजन, दवाई और आश्रय दिया जा रहा है।
🔜 आगामी 24–48 घंटे का कार्ययोजना
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पैरा मेडिकल और सैनिक दलों को चिनूक हेलीकॉप्टर द्वारा हरसिल पहुंचाया जाएगा।
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एनडीआरएफ और मेडिकल टीमें नेलोंग भेजी जाएंगी।
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नेलोंग हेलीपैड से लौटने वाले हेलीकॉप्टरों द्वारा पर्यटकों को निकाला जाएगा।
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उत्तरकाशी और टेखला के आगे की सड़कें खोलने का प्रयास जारी।