देहरादून ,
प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खामियों और जन असंतोष को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अब राज्य में स्वास्थ्य आयुक्त की नियुक्ति पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
📌 मुख्यमंत्री कार्यालय की सक्रिय पहल
शनिवार को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर राज्य की मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की गई, जिनमें निम्न शामिल हैं:
🩺 संभावित सुधार और प्रस्ताव:
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राज्य स्तर पर “स्वास्थ्य आयुक्त” पद के सृजन पर विचार
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मेडिकल कॉलेजों में एम्स की तर्ज पर
“डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन” पद सृजन का प्रस्ताव -
जिला चिकित्सालयों में हेल्पडेस्क की स्थापना
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प्रत्येक हेल्पडेस्क पर PRO (जनसंपर्क अधिकारी) की अनिवार्य तैनाती
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आयुष्मान हेल्प डेस्क (आयुष्मान मित्र) की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश
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OPD की ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश, ताकि अस्पतालों में भीड़ नियंत्रण किया जा सके
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प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने के लिए जिला और उप-जिला चिकित्सालयों में जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी की रोस्टर के आधार पर तैनाती का प्रस्ताव
🧾 प्रस्ताव मांगे गए
प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से स्पष्ट निर्देशों के साथ विस्तृत और व्यावहारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है। यह प्रस्ताव सीधे शासन को भेजा जाएगा और उसी आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।
🧑⚕️ बैठक में मौजूद अधिकारी:
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डॉ. आर. राजेश कुमार (सचिव, स्वास्थ्य)
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डॉ. सुनीता टम्टा (महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण)
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डॉ. शिखा जंगपांगी (निदेशक, स्वास्थ्य)
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डॉ. आशुतोष सयाना (निदेशक, चिकित्सा शिक्षा)
🔍 निष्कर्ष:
सरकार का यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में है, बल्कि इसे जनमानस की अपेक्षाओं के अनुरूप आधुनिक और पारदर्शी बनाने का प्रयास भी माना जा रहा है। स्वास्थ्य आयुक्त जैसे पद के सृजन से नीतिगत निर्णयों के बेहतर समन्वयन और क्षेत्रीय चिकित्सा सेवाओं की निगरानी को और मजबूती मिलेगी।