कम्पनी खातों से करोड़ों की धोखाधड़ी: फ्लैट बुकिंग की आड़ में अरबों का घोटाला, LOC और रेड कॉर्नर नोटिस जारी

देहरादून ,

देहरादून निवासी आर्यन वालिया द्वारा राजपुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर एक बड़ा रीयल एस्टेट घोटाला सामने आया है, जिसमें पुष्पांजली रियल्म्स एंड इन्फ्रा टेक कंपनी के निदेशक दीपक मित्तल पर अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये के गबन और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।

शिकायत में बताया गया है कि आर्यन वालिया के पिता राजपाल वालिया ने दीपक मित्तल के कहने पर अपनी करोड़ों रुपये की जमीन कंपनी को दी थी, जिस पर हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने की बात कही गई थी। जमीन के एवज में दीपक मित्तल ने राजपाल वालिया को कंपनी में निदेशक और साझेदार बनाया।

गबन का तरीका: निजी खातों में ट्रांसफर, फिर फ्लैट बुकिंग दिखा कर फर्जीवाड़ा

वर्ष 2019 में अलग-अलग तारीखों में दीपक मित्तल ने AMAV Developers के निदेशक मनीष गुप्ता, मित्र मनीष गर्ग और उनकी पत्नी विनिता गर्ग के साथ साजिश रचते हुए कंपनी के खातों से करोड़ों रुपये निकाल लिए।

गबन की गई राशि इस प्रकार है:

  • मनीष गुप्ता के साथ मिलकर: ₹3.32 करोड़

  • मनीष गर्ग के साथ मिलकर: ₹2.47 करोड़

  • विनिता गर्ग के साथ मिलकर: ₹1.71 करोड़

उक्त राशि पहले इन सभी ने अपने निजी खातों में ट्रांसफर की और फिर उसी धनराशि से कंपनी के फ्लैटों की बुकिंग दिखाकर पैसा दोबारा कंपनी खातों में डाल दिया गया — जिससे कागज़ी रूप से लेन-देन को वैध दिखाया जा सके।

फ्लैट खरीदारों से धोखाधड़ी

फ्लैट बुकिंग के नाम पर कई लोगों से पैसे तो ले लिए गए, लेकिन उन्हें कोई फ्लैट नहीं दिया गया। इस तरह, कम्पनी से और निवेशकों से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया।

पहले से दर्ज मामले और कार्रवाई

अभियुक्त दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल पर पहले से धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत 9 केस दर्ज हैं। अब उनके विरुद्ध LOC (Look-Out Circular) जारी किया गया है और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।

जांच जारी है और पुलिस आर्थिक अपराध शाखा के साथ मिलकर इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है। संभावित निवेशकों और फ्लैट खरीदारों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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