देहरादून ,
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बेकाबू हो रहे डेंगू से सरकार, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम सारी एजेंसियां लड़ने में नाकाम साबित हो रही है। आज कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि शास्त्रीनगर खाले में स्वयं सफाई अभियान चलाया, वहां इससे पूर्व सात से अधिक मौते डेंगू से हो गई है। उन्होंने कहा कि यह आपातकाल का समय है वह अपने साथियों के साथ मरीजों की सहायता करने में जुटे हैं इसलिए कोई आंदोलन नहीं कर रहे, लेकिन उनकी धामी सरकार से अपील है कि सरकार पड़ोसी जिलों और आवश्यकता पड़े तो पड़ोसी राज्यों से ब्लड प्लैटलेट्स की व्यवस्था कर बीमारों की जान बचाने का काम करे। उन्होंने कहा कि और जब तक डेंगू नियंत्रण में न आये तब तक डेंगू के मरीजों के लिए सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड अनिवार्य व अनुमन्य करें, चाहे अस्पताल आयुष्मान के लिए इम्पेनल्ड हो या नहीं। धस्माना ने कहा कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग इस समय डेंगू के नियंत्रण के लिए प्रयास करने की बजाय डेंगू मरीजों के आंकड़े कम करने व मौत के आंकड़ों को छुपाने के काम ज्यादा कर रहा है जैसा कोविड काल में किया गया था। उन्होंने कहा कि समय रहते स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम ने डेंगू के नियंत्रण के उचित प्रयास नहीं किये और अब जबकि स्थितियों नियंत्रण से बाहर हो गयी हैं तब आंकड़ों का खेल खेला जा रहा है। धस्माना ने कहा कि ऐसे समय में जब राजधानी समेत राज्य के अनेक शहरों में डेंगू जानलेवा हो रखा है।