देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया और राज्य में सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
🔺 परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹1.5 करोड़
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि:
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परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।
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अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों की एकमुश्त और वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की गई है।
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शहीदों के परिजनों को मिलने वाली राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई है।
🏡 सैनिक विश्राम गृह और ईसीएचएस केंद्र की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि:
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चमोली जिले के कालेश्वर में ई.सी.एच.एस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) केंद्र और सैनिक विश्राम गृह बनाया जाएगा।
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नैनीताल में भी एक सैनिक विश्राम गृह स्थापित किया जाएगा।
💼 शहीद आश्रितों को नौकरी व छूट की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
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शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में समायोजन के लिए आवेदन की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
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राज्य में सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को:
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परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा
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₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% छूट दी जा रही है।
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🌍 विदेश रोजगार में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता
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उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें 50% स्थान सिविलियनों के लिए भी होंगे।
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अभी तक उपनल के माध्यम से राज्य के 22,500 लोगों को रोजगार दिया जा चुका है।
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इनकी विनियमितीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
🪖 “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र
मुख्यमंत्री ने हालिया सैन्य सफलता “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र करते हुए कहा:
“यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। हमारी सेना दुश्मन की गोली का जवाब गोलों से देती है।”
🪔 वीर भूमि उत्तराखंड का योगदान
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कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवान शहीद हुए थे।
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राज्य के अब तक 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1528 को वीरता पुरस्कार और 344 को विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त हुए हैं।
🤝 केंद्र-राज्य मिलकर सैनिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाएं मजबूत हुई हैं। राज्य सरकार ने अब तक शहीद परिवारों के 37 आश्रितों को सरकारी नौकरी दी है।”
👥 कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य लोग
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, और शहीदों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
📝 निष्कर्ष:
कारगिल विजय दिवस केवल इतिहास की याद नहीं, बल्कि शहीदों के सम्मान और सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई घोषणाएं इस दिशा में एक सार्थक कदम हैं।