उत्तराखंड में करोड़ों की एमडीएमए फैक्ट्री का पर्दाफाश – नेपाल और मुंबई तक फैला ड्रग नेटवर्क बेनकाब

देहरादून/उधमसिंहनगर,
उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने नानकमत्ता क्षेत्र में एक बड़ी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में मुख्य सरगना कुनाल राम कोहली को गिरफ्तार किया गया है, जबकि भारी मात्रा में एमडीएमए ड्रग, प्रिकर्सर कैमिकल्स और ड्रग बनाने का कच्चा माल बरामद किया गया है।

🚨 मुख्य बिंदु:

  • गिरोह एमडीएमए (MDMA) जैसे नशीले पदार्थ का निर्माण कर उसे मुंबई व अन्य राज्यों में सप्लाई करता था।

  • 126 लीटर कैमिकल, 28 किलो पाउडर व 7.41 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया।

  • फैक्ट्री की आड़ में ड्रग निर्माण चम्पावत व पिथौरागढ़ के मुर्गी फार्मों में किया जा रहा था।

  • गिरोह के तार नेपाल बॉर्डर और मुंबई, गाजियाबाद, बनारस तक फैले पाए गए।

  • ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹12 करोड़ आँकी गई है।


🕵️‍♂️ पर्दाफाश की समयरेखा:

  • 31 मई 2025: मुंबई के ठाणे में 11 ग्राम एमडीएमए के साथ दो लोग गिरफ्तार; पूछताछ में उत्तराखंड-नेपाल नेटवर्क का खुलासा।

  • 26 जून: पिथौरागढ़ के थल क्षेत्र में मुर्गी फार्म पर छापा, कैमिकल बरामद; अभियुक्त फरार।

  • 11 जुलाई: चम्पावत पुलिस ने राहुल की पत्नी ईशा को 5.6 किलोग्राम एमडीएमए के साथ पकड़ा।

  • 14 जुलाई: नानकमत्ता में मुख्य अभियुक्त कुनाल कोहली गिरफ्तार; कैमिकल छुपाने की फिराक में था।


🧪 बरामद रासायनिक सामग्री (Precursor Chemicals):

रसायन का नाम मात्रा
Dichloromethane (Methylene Chloride) 57.5 लीटर
Acetone 20 लीटर
Hydrochloric Acid (HCL) 47.5 लीटर
Methylamine Solution 0.5 लीटर
Sodium Hydroxide (Pellets) 28 किलो
तैयार एमडीएमए 7.41 ग्राम + पूर्व बरामद 5.6 किलो

🧑‍🔬 गिरोह की कार्यशैली:

  • टनकपुर, गैंडाखाली, थल और सुवालेख जैसे दुर्गम क्षेत्रों में गुप्त फैक्ट्रियां स्थापित की गईं।

  • ड्रग निर्माण के लिए कैमिकल्स बनारस, गाजियाबाद और मुंबई की कंपनियों से मंगवाए जाते थे।

  • मुंबई के संपर्कों द्वारा ड्रग को बेचने की कोशिश की जाती थी।

  • पुलिस दबाव बढ़ने पर अभियुक्त नेपाल भागते थे।


👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई की सराहना

  • एसटीएफ कुमाऊं यूनिट, पिथौरागढ़, चम्पावत और उधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीमों ने की कार्रवाई।

  • नेपाल पुलिस और नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ सतत समन्वय।

  • डीजीपी दीपम सेठ ने ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए पुलिस टीम को ₹1 लाख इनाम देने की घोषणा की।


⚖️ कानूनी कार्रवाई

  • अभियुक्त कुनाल कोहली के खिलाफ थाना नानकमत्ता में NDPS Act की धारा 21/22/8 के तहत मुकदमा दर्ज।

  • जिन कंपनियों से कैमिकल मंगवाया गया था, उन पर भी जांच और कार्रवाई होगी।


🧩 मुख्य आरोपी कुनाल कोहली का कबूलनामा (मुख्य बिंदु):

  • पहली बार बनारस से कैमिकल मंगाकर ड्रग निर्माण शुरू किया।

  • गैंडाखाली में फैक्ट्री उजागर होने पर पिथौरागढ़ शिफ्ट किया गया।

  • बल्ली राम गुप्ता द्वारा ड्रग लेकर मुंबई जाते समय गिरफ्तारी के बाद फैक्ट्री हटाई गई।

  • पुलिस रेड और गिरफ्तारी के बाद भाग कर नेपाल चले गए, लेकिन आखिरकार नानकमत्ता में गिरफ्तार हो गया।


🛑 निष्कर्ष:

यह कार्रवाई उत्तराखंड को नशे के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नार्कोटिक्स फैक्ट्रियों की स्थापना और अंतरराज्यीय सप्लाई चेन की जड़ों तक पहुंचकर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि उत्तराखंड अब ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

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