देहरादून,
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जनपद में आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने होटलों, गेस्ट हाउसों और लॉजिंग प्रतिष्ठानों की गहन जांच की।
इस अभियान का उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना है।
क्या-क्या किया गया जांच के दौरान:
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एंट्री रजिस्टर की जांच: यह देखा गया कि क्या होटल अपने यहाँ आने-जाने वालों का रिकॉर्ड सही तरीके से रख रहे हैं या नहीं।
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आईडी वेरीफिकेशन: सभी अतिथियों की पहचान-पत्र (ID) का सत्यापन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच की गई।
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सीसीटीवी फुटेज और कार्यशीलता: सभी होटलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी रिकॉर्डिंग की अवधि और कार्यशीलता को भी चेक किया गया।
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संदिग्ध गतिविधियाँ: किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत ठहराव की सूचना पर सख्ती से जांच की गई।
सख्त निर्देश दिए गए:
एसएसपी कार्यालय से स्पष्ट किया गया है कि—
“यदि किसी प्रतिष्ठान में भविष्य में कोई अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो संचालकों/प्रबंधकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
सभी होटल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे—
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आगंतुकों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करें।
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किसी भी आगंतुक की आईडी अनिवार्य रूप से लें।
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सुरक्षा मानकों का पालन करें, अन्यथा कानूनी दंड भुगतने को तैयार रहें।
पुलिस की सक्रियता से बढ़ा भरोसा
देहरादून जैसे पर्यटन और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में यह अभियान सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है और होटल व्यवसायियों में चेतना आई है।
निष्कर्ष:
देहरादून पुलिस द्वारा चलाया गया यह आकस्मिक चेकिंग अभियान न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम है, बल्कि यह सुनियोजित आतिथ्य व्यवस्था के लिए एक ज़रूरी अनुशासनात्मक प्रयास भी है। पुलिस का यह सख्त रुख बताता है कि कानून के दायरे में रहकर ही संचालन संभव होगा।