जनता की अदालत में डीएम देहरादून: बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंदों को मिला त्वरित न्याय और राहत – uttarakhandawaaz.in

जनता की अदालत में डीएम देहरादून: बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंदों को मिला त्वरित न्याय और राहत

देहरादून, 
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई/जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश भूमि विवाद, सीमांकन, विधिक सहायता, नगर निगम, शिक्षा और पुलिस से जुड़ी थीं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें और फरियादियों को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए।

बुजुर्ग महिलाओं को मिला न्याय

  • राजेश्वरी देवी (70), 60% दिव्यांग महिला ने बताया कि उनकी विवाहित पुत्री ने उनका मकान कब्जा लिया है और उन्हें बेदखल कर दिया गया है। डीएम ने इस मामले में एसडीएम (न्याय) को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।

  • प्रीतम सिंह (86), किसान, सिमलास ग्रांट निवासी ने शिकायत की कि अदालत के समझौते के बावजूद विपक्षी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर रखा है। जिलाधिकारी ने एसडीएम डोईवाला को 7 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

सड़क जलभराव से परेशान बुजुर्ग महिला

  • गौरी रानी, करनपुर निवासी ने कहा कि घर के सामने की सड़क ऊंची होने से बरसात में घर में पानी भर जाता है। नगर निगम से कई बार शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने नगर निगम को 1 सप्ताह में समाधान कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए।

विधिक सहायता व मृतक आश्रित नौकरी

  • नितिन हेमदान ने विधिक सेवा प्राधिकरण से असंतुष्ट न्याय की बात कही। डीएम ने प्राधिकरण सचिव को आर्थिक स्थिति ध्यान में रखकर अपील की सुविधा व कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • रेनू, कांवली रोड निवासी, जिनके पति की मृत्यु सरकारी सेवा में हुई, ने मृतक आश्रित नियुक्ति की मांग रखी। डीएम ने मुख्य नगर आयुक्त को फाइल में अभिलेखों की कमी पूरी कर 2 दिन में समाधान के निर्देश दिए।

शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता

  • अनिता, रानीपोखरी निवासी ने बेटी की बीएससी (आईटी) पढ़ाई के लिए ₹75,000 की आर्थिक मदद का निवेदन किया। जिलाधिकारी ने सीडीओ व जिला विकास अधिकारी को ‘नंदा-सुनंदा प्रोजेक्ट’ के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए।

अवैध शराब पर कड़ी नजर

  • डांडा लखौंड क्षेत्र में होटल/रेस्टोरेंट में अवैध शराब परोसे जाने की शिकायत पर डीएम ने आबकारी विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

संदेश साफ – ‘जनता के दरबार में नहीं चलेगी लापरवाही’

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को आदेशित किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिसाना प्रमाण पत्र जैसे मामलों में 7 दिन में प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।

इसके साथ ही डीएम ने चेतावनी दी कि फरियादियों को चक्कर कटवाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


📌 उत्तराखंड आवाज़ विशेष टिप्पणी:
इस प्रकार की त्वरित और जनहितकारी कार्यवाही प्रशासन में जनविश्वास को बढ़ाती है। जिलाधिकारी की यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का बेहतरीन उदाहरण है।

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