देहरादून ,
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ मेला को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मेले से जुड़े सभी स्थायी व अस्थायी कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके लिए सभी विभागों को कार्यों की प्राथमिकता तय कर ए, बी, सी श्रेणी में विभाजित करने को कहा गया है।
🔹 योजना और क्रियान्वयन में सख्ती
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प्रत्येक विभाग अपने-अपने नोडल अधिकारी तत्काल नामित करें।
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हर कार्य की टाइमलाइन तय की जाए और बिना देरी कार्य आरंभ किया जाए।
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तकनीकी ऑडिट समिति और थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल की व्यवस्था तत्काल लागू हो।
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दीर्घकालिक और आवश्यक कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।
🔹 श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार व्यवस्थाएं
मुख्य सचिव ने प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का पूर्वानुमान कर उसी के अनुरूप सुरक्षा, आवागमन और घाटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
मेलाधिकारी को सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और तैयारियों की समीक्षा करते रहने को कहा गया है।
🔹 यातायात और पार्किंग प्लान की समयसीमा
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एसपी हरिद्वार को 20 अगस्त 2025 तक पार्किंग और यातायात योजना मेलाधिकारी को सौंपने का निर्देश।
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जल संस्थान, ऊर्जा, स्वास्थ्य व पेयजल विभाग को भी अपनी कार्य योजनाएं इसी तिथि तक मेलाधिकारी को सौंपनी होंगी।
🔹 नहरबंदी के समय कार्यों की तैयारी
उत्तर प्रदेश द्वारा नहर मरम्मत के लिए निर्धारित नहरबंदी के दौरान उत्तराखंड को जो भी कुंभ से जुड़े कार्य करने हैं, उनकी पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय का समुचित उपयोग हो सके।
🔹 अतिक्रमण हटाने और भूमि आवंटन पर सख्ती
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जिन विभागों को कुंभ मेला क्षेत्र में भूमि आवंटित की जाती है, वहां अतिक्रमण होने पर हटाया जाए और भूमि का स्पष्ट आवंटन हो।
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पूरे कुंभ मेला क्षेत्र से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
🔹 मेला क्षेत्र के विस्तार और जलभराव की समस्या पर ध्यान
मुख्य सचिव ने कुंभ क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं तलाशने, रानीपुर मोड़ से ज्वालापुर तक जलभराव की समस्या के समाधान और सभी सड़कों की मरम्मत समयबद्ध ढंग से करने के आदेश दिए।
🔹 फायर हाइड्रेंट और सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कुंभ क्षेत्र में फायर हाइड्रेंट, अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां और आपात सेवाओं की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया।
📊 उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका द्वारा कुंभ की तैयारियों पर विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। बैठक में शामिल रहे:
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DGP दीपम सेठ
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प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम
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सचिव नितेश कुमार झा, बृजेश कुमार संत
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डॉ. पंकज कुमार पांडेय, विनय शंकर पांडेय
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धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत
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डॉ. रणवीर सिंह चौहान
साथ ही हरिद्वार, देहरादून, टिहरी व पौड़ी के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
निष्कर्ष:
हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर राज्य सरकार विचार, कार्य और क्रियान्वयन में स्पष्टता और कठोरता के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्य सचिव का यह निर्देश सुनिश्चित करता है कि कुंभ को न केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने वाला आयोजन बनाया जाए।
