आदि कैलाश यात्रा प्रभावित, प्रशासन राहत कार्यों में जुटा
पिथौरागढ़ ,
पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलास क्षेत्र को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद भूस्खलन के चलते तीन स्थानों पर बाधित हो गया। इससे मार्ग पर यात्रा कर रहे भगवान भोलेनाथ के दर्शनार्थी सहित 300 से अधिक लोग फंस गए हैं।
📍 कहां हुआ भूस्खलन?
-
कुलागाड़
-
स्याकुरी जीरो पॉइंट
-
तवाघाट चोतुल धार
इन तीनों स्थानों पर पहाड़ियों के दरकने से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।
🙏 श्रद्धालु भूखे-प्यासे, राहत की उम्मीद में
मार्ग पर फंसे लोग भूखे-प्यासे सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें कई आदि कैलास यात्रा पर जा रहे या लौट रहे श्रद्धालु भी शामिल हैं।
🚧 प्रशासन जुटा राहत कार्य में
-
सड़क खोलने का काम जारी है, लेकिन भारी मलबे और संसाधनों की कमी के चलते कार्य में विलंब हो रहा है।
-
दारमा टैक्सी यूनियन अध्यक्ष महेंद्र सीपाल ने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
-
व्यास टैक्सी यूनियन अध्यक्ष परवेश नबियाल के अनुसार, मार्ग बंद होने से यात्रा पूरी तरह ठप है।
🌧️ मानसून की चुनौती
मानसून के दौरान इस क्षेत्र में अक्सर भूस्खलन होता है। चूंकि ये मार्ग दारमा, व्यास और चोदास वैली के 45 से अधिक गांवों को जोड़ता है, इसलिए इसके अवरुद्ध होने से स्थानीय जनजीवन और पर्यटन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन के लिए चुनौती:
-
पर्यटन सीजन चरम पर है और आदि कैलास यात्रा में प्रतिदिन सैकड़ों यात्री शामिल हो रहे हैं।
-
ऐसे में मार्ग की शीघ्र बहाली और यात्रियों के लिए भोजन-पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।