हरिद्वार,
आगामी कांवड़ यात्रा (11 जुलाई से 23 जुलाई) को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गुरुवार को गढ़वाल मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सभी कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ हों: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय से कार्य करें और यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्धता व पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों से शालीनता और धैर्यपूर्वक व्यवहार किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश: मेडिकल कैंप और स्नेक बाइट इंजेक्शन की हो पर्याप्त व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि स्नेक बाइट इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, साथ ही कांवड़ मार्ग पर मेडिकल रिलीफ कैंप स्थापित किए जाएं। सभी जरूरी दवाओं की पर्याप्त मात्रा भी सुनिश्चित की जाए।
UPCL को पथ प्रकाश और जनरेटर की व्यवस्था के निर्देश
विद्युत विभाग (UPCL) को आदेश दिए गए कि कांवड़ मार्ग पर पथ प्रकाश की व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए। रानीपुर झाल से मोहम्मदपुर झाल तक की विशेष मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही जनरेटर की बैकअप व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
पार्किंग स्थलों और घाटों पर विशेष ध्यान
एचआरडीए को पंतद्वीप, दक्ष दीप और बैरागी कैंप में हाईमास्क लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि घाटों की मरम्मत और चैन लगाने जैसे कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं।
सफाई, शौचालय और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर फोकस
नगर निगम को निर्देश दिए गए कि 24×7 सफाई व्यवस्था लागू की जाए। शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए, विशेषकर बैरागी कैंप जैसे क्षेत्रों में। सफाई कर्मियों की जानकारी पुलिस और सेक्टर अधिकारियों से साझा की जाए।
आपात स्थितियों के लिए वैकल्पिक मार्ग और हिल बाईपास को सुधारने के निर्देश
संभावित भीड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर वैकल्पिक मार्ग चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। हिल बाईपास को दुरुस्त करने के आदेश भी दिए गए ताकि ट्रैफिक बाधित होने की स्थिति में इसका प्रयोग हो सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 20 कंपनियों की डिमांड
आईजी राजीव स्वरूप ने जानकारी दी कि इस बार 16 सुपर जोन, 38 जोन और 134 सेक्टर में यात्रा को विभाजित किया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से 20 कंपनियों की मांग की गई है।
प्रशासन की तैयारी: राज्यवार आंकड़े और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि इस बार डाक कांवड़ 20 से 23 जुलाई तक और श्रावण शिवरात्रि 23 जुलाई को होगी। पिछले वर्ष 4.14 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार भीड़ और सुरक्षा की दृष्टि से 25% अधिक पुलिस बल की मांग की गई है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, श्रद्धालु हरियाणा (31.67%), उत्तर प्रदेश (26.67%), दिल्ली (16.67%), पंजाब (8.33%), राजस्थान (5%), उत्तराखंड (1.67%) व अन्य राज्यों (10%) से आते हैं।
व्यापक पीपीटी प्रस्तुतियाँ और निर्देशों की श्रृंखला
बैठक में डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संबंधित विभागों ने पीपीटी के माध्यम से अपनी तैयारियों की जानकारी दी।
प्रशासन इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुआयामी तैयारियों में जुट गया है। सभी विभागों को सख्त समयसीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित परिवेश मिल सके।