देहरादून ,
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में “साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से ₹63.60 करोड़ की धनराशि का अनुरोध किया है। यह अनुरोध उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान किया।
🔐 साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अपराधों और साइबर हमलों के मद्देनज़र इस सेंटर की स्थापना बेहद आवश्यक हो चुकी है।
यह सेंटर उत्तराखंड में निम्न कार्यों को संभालेगा:
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साइबर अपराधों की जांच व रोकथाम
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विशेषज्ञ प्रशिक्षण एवं कौशल विकास
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साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला की स्थापना
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आधुनिक तकनीकी संसाधनों का सृजन
⚡ आपदा में क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे के लिए राहत की मांग
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को यह भी अवगत कराया कि भूगोलिक जटिलताओं वाले छोटे हिमालयी राज्यों में विद्युत उत्पादन और पारेषण व्यवस्था को बार-बार आपदाओं से नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने अनुरोध किया कि इन परिसंपत्तियों को NDRF/SDRF के तहत मुआवजे के दायरे में लाया जाए।
🏢 सितारगंज जेल विस्तार हेतु 150.16 करोड़ की मांग
मुख्यमंत्री ने सितारगंज केंद्रीय कारागार के विस्तार के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति देने की अपील की। इसके लिए 150.16 करोड़ रुपये की परियोजना केंद्र को भेजी गई है।
💼 उत्तराखंड निवेश उत्सव का ऐलान
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में आयोजित उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर समिट की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य ने 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू साइन किए हैं।
इस उपलब्धि को उत्सव के रूप में मनाने के लिए प्रस्तावित ‘उत्तराखंड निवेश उत्सव’ का आयोजन पंतनगर-रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य अतिथि बनने का न्यौता भी दिया।
🤝 गृह मंत्री का भरोसा
अमित शाह ने मुख्यमंत्री के सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।
🗣️ मुख्यमंत्री का संदेश
“उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ के विजन को जमीन पर उतारने में तत्पर है। केंद्र का मार्गदर्शन हमारी ऊर्जा है।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल न केवल साइबर सुरक्षा को मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि यह उत्तराखंड को औद्योगिक, डिजिटल और आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा भी है।