देहरादून ,
काशीपुर में भाजपा की अंदरूनी राजनीति ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मेयर दीपक बाली पर विकास कार्यों में मनमानी का आरोप लगाने वाले चीमा परिवार ने अपना रुख बदल लिया। जहां पहले पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सार्वजनिक रूप से मेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे, वहीं अब उनके पुत्र और वर्तमान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने मेयर के साथ सामंजस्य का संदेश देते हुए कहा—
“हम सब मिलकर काशीपुर का विकास करेंगे।”
🔍 हाईकमान की सख्ती के बाद आई नरमी
सूत्रों के अनुसार, मेयर बाली ने विवाद की जानकारी सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई और बताया कि राजनीतिक वजहों से विकास कार्यों में अनावश्यक अड़चनें डाली जा रही हैं।
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भाजपा हाईकमान ने इसे गंभीरता से लिया और चीमा परिवार को कड़ा संदेश दिया।
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इसके बाद अचानक से सुर बदले और अब दोनों पक्ष “साथ मिलकर काम करने” की बात कर रहे हैं।
🔝 मेयर बाली की राजनीतिक स्थिति हुई और मजबूत
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दीपक बाली को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सीधा समर्थन प्राप्त है।
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100 दिन के भीतर काशीपुर में करोड़ों के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं।
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उनकी मांगों पर राज्य सरकार से लगातार सहयोग मिल रहा है।
🔥 पार्टी में दिखी अनुशासन की लाठी
काशीपुर भाजपा में इस घटना के बाद संदेश साफ हो गया है कि
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पार्टी लाइन से इतर बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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चाहे पूर्व विधायक हों या वर्तमान, हर स्तर पर नियंत्रण और अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि काशीपुर की राजनीति में अब मेयर दीपक बाली निर्णायक किरदार में हैं। सियासी टकराव के इस दौर में जहां विपक्ष खामोश है, वहीं पार्टी के भीतर विरोध के स्वर भी फटकार के बाद शांति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।