“महिला सम्मान की रक्षा में उत्तराखण्ड पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध” — DGP दीपम सेठ
देहरादून ,
उत्तराखण्ड में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और न्याय तक सुलभ पहुंच को लेकर आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने हिस्सा लिया। बैठक सरदार पटेल भवन, देहरादून स्थित पुलिस सभागार में हुई।
🔹 बैठक के प्रमुख बिंदु:
🛡️ महिला सुरक्षा के लिए व्यापक दृष्टिकोण
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प्रदेश में महिला हेल्प डेस्क, हेल्पलाइन सेवाएं और महिला प्रकोष्ठों की कार्यप्रणाली पर समीक्षा।
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डायल–112 कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली की खुलकर सराहना की गई।
👩🏫 विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था
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उत्तराखण्ड पुलिस के महिला हेल्पलाइन एवं हेल्प डेस्क कर्मियों को राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से विशेष प्रशिक्षण देने का निर्णय।
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साइबर अपराध, मानव तस्करी और संवेदनशील व्यवहार को प्रशिक्षण का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा।
💬 पीड़िता-केंद्रित पुलिसिंग पर बल
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थानों पर महिला हेल्प डेस्क पर संवेदनशीलता और मानवता आधारित व्यवहार सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर।
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पीड़िताओं को मनोवैज्ञानिक सहायता और प्रशिक्षित काउंसलर्स की मदद से मानसिक आघात से उबारने की बात।
⚖️ SSP-SP और Protection Officers के समन्वय के निर्देश
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भरण-पोषण, संतान की अभिरक्षा व विधिक सहायता जैसे मामलों में Protection Officers से बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह।
📜 प्रस्तुति और सुझाव
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SP ममता वोहरा द्वारा राज्य में महिला सुरक्षा के प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण।
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नवाचारों, अभियान, महिला भागीदारी एवं सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई।
🗣️ महिला आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा:
“उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यप्रणाली सराहनीय है। लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता, प्रशिक्षण और समन्वय को और अधिक सशक्त किए जाने की जरूरत है।”
👮♂️ DGP दीपम सेठ का आश्वासन:
“राज्य पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है। सभी सुझावों को गम्भीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी।”
🔎 डायल–112 कंट्रोल रूम भ्रमण
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श्रीमती रहाटकर ने DGP संग कंट्रोल रूम का अवलोकन किया।
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तकनीकी दक्षता, रेस्पॉन्स टाइम और नागरिक सुविधा को लेकर की गई तैयारियों की सराहना।
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भविष्य में इसे और अधिक सशक्त व सुलभ बनाए जाने की बात कही।
📌 उपस्थित अधिकारी:
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राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल
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ADG प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान
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सभी IGs, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, राष्ट्रीय महिला आयोग प्रतिनिधि
यह बैठक उत्तराखण्ड में महिला सुरक्षा, पीड़िता को न्याय, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और मानवता पर आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में उत्तराखण्ड महिला सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बन सकता है।
रिपोर्ट: मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड