देहरादून ,
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बढ़ते यातायात जाम और अव्यवस्थित प्रशासन ने विकास की रफ्तार रोक दी है। उन्होंने कहा कि खासकर कैंची धाम, नैनीताल, भवाली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम अब आम बात हो गई है।
“सरकार के पास कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। केवल अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं जो नाकाफी हैं,” – यशपाल आर्य
उनके मुख्य आरोप और चिंताएं:
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ट्रैफिक जाम:
कैंची धाम और उससे सटे क्षेत्रों में तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण रोजाना जाम लगता है।
सड़कें संकरी हैं और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। -
बुनियादी ढांचे की कमी:
सड़कों की हालत खराब है, मरम्मत और विस्तार के प्रयास नाकाफी हैं। इससे हल्द्वानी से कुमाऊँ के पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में लगने वाला समय दोगुना हो गया है। -
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर:
जाम के कारण मालवाहन समय पर नहीं पहुँच पाते, जिससे अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत और हल्द्वानी जैसे व्यापारिक केंद्रों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। -
जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण संकट:
घंटों तक जाम में फंसे मरीजों के लिए यह मौत और जिंदगी की लड़ाई बन जाती है। धुएं और धूल के कारण पर्यावरण प्रदूषण और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
आर्य की मांग:
सरकार को चाहिए कि वह अस्थायी व्यवस्था के बजाय एक दीर्घकालिक योजना तैयार करे जिससे इन इलाकों में यातायात व्यवस्था सुधरे और आमजन को राहत मिले। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।