उत्तराखंड में कोविड-19 पर धामी सरकार की एडवाइजरी जारी, सतर्कता के निर्देश

देहरादून ,
देशभर में कोविड-19 की स्थिति भले ही नियंत्रण में हो, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने एहतियात बरतते हुए सतर्कता को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज एक विस्तृत कोविड-19 एडवाइजरी जारी की है।

“फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन संभावित जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
— डॉ. आर. राजेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव


🔧 जिलों को दिए गए निर्देश

  • अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर, दवाएं, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, BiPAP, PSA ऑक्सीजन संयंत्र पूरी तरह क्रियाशील रहें।

  • सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को संसाधनों की तत्परता बनाए रखने को कहा गया।


🔍 सख्त निगरानी तंत्र की व्यवस्था

  • ILI (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण) और SARI (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) की अनिवार्य रिपोर्टिंग।

  • सभी अस्पताल और लैब्स IHIP पोर्टल पर कोविड रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें।

  • सभी SARI मामलों की अनिवार्य जांच की जाए।


🧬 नए वेरिएंट की पहचान के निर्देश

  • कोविड पॉजिटिव सैंपलों को WGS (Whole Genome Sequencing) के लिए भेजा जाएगा।

  • कोविड-प्रबंधन में लगे कर्मियों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराई जाएगी।

  • राज्य स्तर पर प्रतिदिन स्थिति की रिपोर्ट भेजने के निर्देश।


📣 जन सहयोग और मीडिया समन्वय

  • अफवाहों से बचने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील।

  • डाॅ. पंकज कुमार सिंह को कोविड मीडिया समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।

  • डाॅ. सौरभ सिंह को सह प्रभारी बनाया गया, कोई अतिरिक्त भत्ता देय नहीं।


✅ क्या करें (Do’s)

  • छींकते-खांसते समय रूमाल/टिशू का इस्तेमाल करें

  • भीड़ से बचें, हाथ बार-बार धोते रहें

  • लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें

  • मास्क पहनें और दूसरों से दूरी बनाए रखें

  • बुजुर्ग और बीमारों का विशेष ध्यान रखें

❌ क्या न करें (Don’ts)

  • इस्तेमाल किए गए टिशू/रूमाल का पुनः उपयोग न करें

  • हाथ न मिलाएं और बार-बार आंख-नाक-मुंह न छुएं

  • लक्षण वाले व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें

  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें

उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कोविड को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतेगी। सतर्कता, संसाधन और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार—यही प्रदेश को सुरक्षित रखने की कुंजी है।

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