देहरादून ,
देहरादून ज़िले को आपदा प्रबंधन में राज्य का आदर्श जिला बनाने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने आज आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और कहा कि “राजधानी का आपदा कंट्रोल, संसाधन और प्रतिक्रिया प्रणाली A-क्लास की होनी चाहिए।”
🔎 मुख्य निर्देश एवं फैसले:
🛰️ डिजिटल आपदा कंट्रोल रूम की तैयारी
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जल्द ही कंट्रोल रूम को डिजिटल और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा।
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GIS मैप्स से लैस होंगी दीवारें – तहसीलों, थानों, अस्पतालों और मुख्य मार्गों का स्पष्ट स्थानांकन।
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GIS टीम राउंड-द-क्लॉक तैनात रहेगी।
📺 रियल टाइम मॉनिटरिंग और संचार व्यवस्था
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रियल टाइम डिस्प्ले स्क्रीन और रेपिड वायरलेस कम्यूनिकेशन सिस्टम पहली बार जिले में शुरू किया जाएगा।
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पुलिस की ड्यूटी वायरलेस सेट पर कंट्रोल रूम में सुनिश्चित की जाएगी।
🚨 उच्च गुणवत्ता के सायरन सिस्टम
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जिले के थानों और तहसीलों में पहली बार उच्च गुणवत्ता के सायरन लगाए जाएंगे ताकि आपात स्थिति में तत्क्षण अलर्ट हो सके।
🧱 भूस्खलन प्रबंधन की ठोस रणनीति
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हर भूस्खलन संभावित क्षेत्र के निकट जेसीबी तैनात रहेंगे।
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मसूरी, चकराता, त्यूणी, रायपुर और डोईवाला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता।
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संबंधित अभियंताओं को प्लान वेरिफिकेशन के निर्देश दिए।
📞 आपदा कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर सार्वजनिक
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जनता के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क हेतु जारी किए गए नंबर:
☎️ 0135-2726066, 2626066, 2626067, 2626068
🧑💼 प्रशासनिक निर्देश और मानवबल
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लोनिवि, एनएच, जल संस्थान, यूपीसीएल और पेयजल विभागों के J.E. दो शिफ्ट में तैनात रहेंगे।
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विभागीय शिकायतों का उसी दिन निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
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पेयजल, बिजली, सड़क, पुलिस, वन विभाग के कुल 17 अधिकारी हर दिन कंट्रोल रूम में रहेंगे हाजिर।
📊 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
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अब तक प्राप्त 125 आपदा संबंधी शिकायतों में से 122 का निस्तारण किया जा चुका है।
🧰 सुविधाएं व उपकरण अपडेट
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खराब उपकरणों को निष्प्रयोज्य घोषित कर हटाने के निर्देश।
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नए मानव संसाधन और उपकरणों की मांग पर जल्द प्रस्ताव पेश करने के आदेश।
📜 अन्य महत्त्वपूर्ण निर्देश:
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सभी लैंडलाइन और मोबाइल नंबरों को दीवारों पर चस्पा किया जाएगा।
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आपदा प्राधिकरण की सभी रिक्तियां तुरंत भरी जाएं।
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सभी पत्राचार में आपदा हेल्पलाइन नंबरों का उल्लेख अनिवार्य।
🗣️ डीएम बोले – ज़मीन पर उतरकर देंगे आदेश
“केवल समीक्षा बैठकों से काम नहीं चलेगा, अधिकारी ग्राउंड जीरो पर जाकर कार्य करें। मानसून सिर पर है, प्रत्येक विभाग को सतर्क और तत्पर रहना होगा।”
डीएम सविन बंसल के इन निर्देशों से साफ है कि देहरादून अब आपदा प्रबंधन में तकनीकी, त्वरित और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देगा। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है।