देहरादून ,
देहरादून को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयास अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। यदि प्रशासनिक योजनाएं फाइलों से निकलकर ज़मीन पर उतरती हैं, तो आने वाले दिनों में आज का देहरादून शायद कल के ‘स्मार्ट देहरादून’ में कहीं खो जाए।
समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम बंसल ने निर्माण कार्यों में गति लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौक-चौराहों को पारंपरिक शैली में विकसित किया जाए, जिससे शहर की सांस्कृतिक पहचान भी बनी रहे।
यातायात प्रबंधन को मिली प्राथमिकता
11 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पहली बार, शहर के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। डीएम के मुताबिक यह कार्य जनसुरक्षा की दृष्टि से ऐतिहासिक है।
डिजिटल बस स्टॉप और ग्रीन बिल्डिंग पर भी नजर
66 हाईटेक डिजिटल बस स्टॉप्स की कार्यशीलता सुनिश्चित करते हुए डीएम ने संबंधित कंपनी HP को चेताया कि यदि कोई डिवाइस डाउन हुआ तो भुगतान नहीं किया जाएगा।
उत्तराखंड की पहली इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के धीमे निर्माण पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्माण संस्था को संसाधन जुटाकर कार्य में तेजी लाने को कहा।
आईएसबीटी, सीवर और ड्रेनेज कार्यों में सख्ती
आईएसबीटी क्षेत्र में ड्रेनेज कार्यों को 5 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून से पहले सभी ड्रेनेज व सीवर क्लीनिंग का निरीक्षण करने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया गया है। प्रिंस चौक पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या पर आपसी समन्वय से त्वरित समाधान करने को कहा गया।
जवाबदेही तय होगी
स्मार्ट सिटी के अंतर्गत स्थापित 150 सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी नुकसान के लिए जिम्मेदार विभाग की पहचान कर उससे नुकसान की भरपाई की जाएगी।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और मानकों के अनुसार पूरे हुए कार्यों का प्रमाण पत्र दिया जाए।