देहरादून ,
देहरादून शहर की ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित बिंदाल-रिस्पना एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। इस 26 किमी लंबी एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य को अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) और एनएचएआई अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है।
परियोजना की प्रमुख बातें:
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लंबाई: 26 किलोमीटर
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विभागीय भूमिका:
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लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी है।
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वन भूमि हस्तांतरण और भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी भी पीडब्ल्यूडी की रहेगी।
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एनएचएआई आगे की योजना, डिज़ाइन और निर्माण कार्य करेगा।
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वित्तीय और नीतिगत समर्थन:
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना के लिए धनराशि उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है।
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परियोजना में इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट कार्यों के लिए रॉयल्टी में छूट मांगी गई है।
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साथ ही GST छूट दिए जाने पर भी सहमति बन चुकी है।
आधिकारिक बयान:
डॉ. पंकज पांडेय, सचिव लोक निर्माण विभाग ने बताया:
“निर्माण कार्य एनएचएआई करेगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा डीपीआर सौंपने के साथ-साथ वन भूमि और भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एनएचएआई आगे की तकनीकी तैयारियों और निर्माण की जिम्मेदारी निभाएगा।”
परियोजना का महत्व:
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देहरादून जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यह एलिवेटेड रोड यातायात दबाव कम करने, आवागमन सुगम बनाने, और शहरी विकास को गति देने के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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साथ ही बिंदाल और रिस्पना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से भी यह परियोजना संवेदनशील योजना मानी जा रही है।
📌 अगला कदम: परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए राज्य सरकार, एनएचएआई और केंद्र के बीच समन्वय, वन विभाग की मंजूरी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
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