तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा: ऑपरेशन सिंदूर की वीरता को समर्पित, मुख्यमंत्री धामी हुए भावुक

हल्द्वानी ,

उत्तराखंड के हल्द्वानी में शनिवार को “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का संदेश दिया। यह यात्रा भारतीय सशस्त्र बलों के हालिया “ऑपरेशन सिंदूर” की ऐतिहासिक सफलता को समर्पित रही।

मुख्य बिंदु:

🔸 मिनी स्टेडियम से शहीद पार्क तक तिरंगा यात्रा:
हजारों की संख्या में आम नागरिक, पूर्व सैनिक, युवा और महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर पदयात्रा में शामिल हुए। यात्रा का समापन शहीद पार्क में हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।

🔸 ऑपरेशन सिंदूर की वीरता को नमन:
मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की अदम्य बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि “भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमता का प्रतीक बन गया है।”

🔸 प्रधानमंत्री मोदी की नीति का उल्लेख:
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “आज भारत आतंकियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब सीधा एक्शन लेता है — दुश्मनों को चेतावनी नहीं, करारा जवाब देता है।”

🔸 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता:
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि भारतीय सेना ने सीमा पार बिना घुसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर प्रहार किया। भारतीय ड्रोन और मिसाइलों ने पाकिस्तान के आतंकी अड्डों के साथ-साथ सेना के ठिकानों को भी ध्वस्त किया।

🔸 ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों की सराहना:
मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि “भारत के स्वदेशी हथियार अब वैश्विक ताकत बन चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर में मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी की ताकत पूरी दुनिया ने देखी है।”

🔸 धामी हुए भावुक:
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा, “मैं खुद एक सैनिक का बेटा हूं। जब भी शहीदों की बात होती है, दिल भर आता है। देवभूमि उत्तराखंड का हर पांचवां सैनिक सीमाओं पर देश की रक्षा में तैनात है।”


मुख्यमंत्री का संदेश:

“तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा सिर्फ एक पदयात्रा नहीं, बल्कि भारत की शक्ति, आत्मनिर्भरता और एकता का प्रदर्शन है। हम उन सभी वीरों को नमन करते हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। अब भारत आतंकवाद का जवाब गोली से नहीं, गोलों से देता है।” शौर्य सम्मान यात्रा ने उत्तराखंड को फिर एक बार यह याद दिलाया कि यह राज्य न केवल देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है। मुख्यमंत्री धामी की अगुवाई में यह आयोजन भारतीय सेना के शौर्य और भारत के आत्मनिर्भर सैन्य बलों के प्रति एक श्रद्धांजलि थी।

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