देहरादून ,
राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने पुराने शासनादेशों — क्रमांक 478 (30 जून 2009), 531 (5 मई 2022), 579 (18 मई 2022), और नवीनतम 556 (15 अप्रैल 2025) — का हवाला देते हुए साफ किया है कि सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को समय से बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है।
अब होगी नियमित समीक्षा
शासन ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक कार्यालय में नामित अधिकारी प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे (सचिवालय में 9:45 बजे) तक उपस्थिति की समीक्षा करेंगे। जो कर्मचारी या अधिकारी समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई की रूपरेखा इस प्रकार होगी:
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एक दिन देर से आने पर: मौखिक चेतावनी
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दो दिन देर से आने पर: लिखित चेतावनी
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तीन दिन देर से आने पर: एक दिन का आकस्मिक अवकाश काटा जाएगा
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चार या उससे अधिक दिन देर से आने पर: अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
शासन की चेतावनी
शासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यालयीन अनुशासन बनाए रखना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। जो भी कर्मचारी समय पालन में कोताही बरतते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उपरोक्तानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को आदेशित किया गया है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर त्वरित एवं समुचित कार्यवाही करें।
यह कदम सरकारी कार्यप्रणाली में समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।