देहरादून ,
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शुक्रवार को राजभवन में विभिन्न विभागों में नव-नियुक्त दायित्वधारियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने सभी से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त कर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से योजनाओं का क्रियान्वयन, अनुश्रवण और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि जब दायित्व के साथ पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा जुड़ती है, तभी सुशासन की सच्ची नींव रखी जा सकती है।
राज्यपाल ने उत्तराखंड की विशिष्टताओं—जैसे आध्यात्मिक पर्यटन, कृषि, स्थानीय उत्पाद एवं वैलनेस—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में कार्य कर राज्य की आर्थिकी को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने इसे देवभूमि पर सेवा का सौभाग्य बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का हवाला देते हुए राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बने, इसके लिए सभी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी दायित्वधारियों से जनसेवा को मूल मंत्र बनाकर, निष्ठा, कर्मठता और ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया।
इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देने हेतु दो मिनट का मौन भी रखा गया।
