
मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस अभिनंदन की असली हकदार उत्तराखंड प्रदेश की जनता है, जिन्होंने प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रदेश उत्तराखंड की मूल अवधारणा में था। उत्तराखण्ड को पॉवर सरप्लस राज्य बनाने के लिए सबको समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा।।
मुख्यमंत्री ने कहा भारत सरकार का राज्य सरकार को हर योजना पर सहयोग मिल रहा है। विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी रैंकिंग में यूपीसीएल ने विशेष श्रेणी डिस्कॉम में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखण्ड को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। बिजली उत्पादन के लिए लखवाड़ बांध परियोजना, जमरानी बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना औऱ देहरादून में आने वाले 50 सालों में पेयजल की समस्याओं को दूर करने के लिए सौंग बांध परियोजना पर कार्य गतिमान है।
राज्य में अत्याधुनिक जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) उपकेंद्रों की स्थापना भी जारी है। उन्होंने कहा राज्य में 16 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर टेक्नॉलजी के माध्यम से पारदर्शिता लाने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर की बिजली लाइनें भूमिगत की जा रही हैं। यूपीसीएल द्वारा अत्याधुनिक ओटोमेटेड डिमान्ड रिसपॉन्स सिस्टम के उपयोग से ओवरड्राल की स्थिति पर रियल टाइम पर नियंत्रण कर हर वर्ष करोड़ो रूपये की बचत की है। उन्होंने कहा 2023 में देहरादून में विश्व स्तरीय आपदा प्रबंधन सम्मलेन आयोजित किया गया था।
आपदाओं को रोका नहीं जा सकता पर आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता राज्य सरकार ने इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन वाले विकास के मॉडल को चुना है। इकॉनमी और इकॉलजी के बीच समन्वय बनाकर ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अन्तर्गत लगभग 20,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र किए गए स्थापित। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को हमने अपने राज्य में भी अपनाना है। राज्य सरकार आने वाले 10 , 25, 50 सालों को देखते हुए भी विकास के मॉडल तैयार कर रही है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शनिवार को हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने भेंट कर श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के कपाट खुलने की तिथि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गुरुद्वारे के पवित्र कपाट 25 मई,2025 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। यात्रा का विधिवत शुभारंभ 22 मई को ऋषिकेश से पंज प्यारों की अगुवाई में प्रथम जत्थे की रवानगी के साथ होगा।
राज्यपाल ने हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों और यात्रा मार्गों में हुए अवस्थापना कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो। राज्यपाल ने ट्रस्ट, शासन और प्रशासन के बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि इस यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने इस पवित्र यात्रा की सफलता और श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना भी की।