मुख्यमंत्री जी का जन्मदिन है शुभकामना देने तो जाना ही है मुलाकात हो या ना हो वह बाद में देखा जाएगा”।

राजनीति के भविष्य के पुरोधा के रूप में उभर रहे सीएम धामी

देहरादून ,

यूं तो किसी भी नेता के जन्मदिवस पर पूरे शहर को बैनर और पोस्ट से पाट दिया जाता है लेकिन बिरले ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जब लोग स्वेच्छा से अपने किसी खास नेता को दिल से शुभकामनाएं देने अपने घरों से निकलते हैं। उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्म दिवस पर आज देहरादून की सड़कों पर अलग उत्साह देखने को मिला और आते जाते लोग हैरान थे कि आखिर झुंड में लोग कहां जा रहे हैं? पूछा तो लोगों का कहना था कि “मुख्यमंत्री जी का जन्मदिन है शुभकामना देने तो जाना ही है मुलाकात हो या ना हो वह बाद में देखा जाएगा”।

इससे पहले उत्तराखंड में कई मुख्यमंत्री आए और चले गए, लेकिन किसी सीएम के प्रति जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का यह जोश आज से पहले कभी देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास से लेकर सचिवालय एवं सुभाष रोड पर स्थित एक आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देने के लिए उमड़ी थी, खास बात यह है कि ना तो किसी को जबरदस्ती लाया गया था और ना ही किसी को आमंत्रण ही दिया गया था। हजारों की संख्या में लोग स्वेच्छा से उन स्थानों पर पहुंचे जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात हो सकती थी। अधिकांश लोग रूबरू होकर अपने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देने में कामयाब रहे तो कुछ ने दूर से ही अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।

निश्चित तौर पर एक बेहद कम समय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता के बीच अपनी एक सहज सुलभ उपस्थित रहने की छवि बनाई है। प्राकृतिक आपदा की बात हो या फिर दूसरे अवसर, वह स्वयं उन स्थानों पर उपस्थित मिले हैं या फिर प्रभावितों को राहत देने के लिए सरकारी मशीनरी को खूब दौड़ाया भी। उनके जन्मदिन पर आने वाले लोगों की भीड़ देखकर यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि धीरे-धीरे अपनी लोगों को अपनी कार्यशैली से प्रभावित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के लिए अभी उत्तराखंड के विकास के साथ-साथ आने वाले समय में लोकसभा चुनाव की चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है लेकिन जिस प्रकार से उन्होंने अपने शुरुआती तेवर अपनी कार्यशैली से दिखाएं उसे प्रदेश को एक उम्मीद की किरण तो नजर आने लगी है। उत्तराखंड की जनता को युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से काफी उम्मीदें हैं और पिछले कुछ समय में बार-बार मुख्यमंत्री बदले जाने का खेल उत्तराखंड के विकास को भी बाधित करता आया है। सीएम धामी एक मजबूत मुख्यमंत्री बनकर सामने आए हैं, और उनकी लोकप्रियता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा की अग्रिम पंक्ति के सभी नेता उन्हें व्यक्तिगत तौर पर बेहद पसंद करते हैं।

विभिन्न मौकों पर मुख्यमंत्री धामी ने भ्रष्टाचार हो या फिर अपराधियों पर नकेल कसने की मुहिम हो सुरक्षा एजेंसी को खुले अधिकार देकर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया है। निश्चित तौर पर आने वाले समय में पुष्कर सिंह धामी एक बेहद मजबूत नेता बनकर उत्तराखंड को विकास के पद पर ले जाएंगे। उनकी निर्णय लेने की “पावर” और जनता के बीच से सुलभ रहने का उनका गुण उनके व्यक्तित्व को राजनीति के भविष्य के पुरोधा के रूप में निर्मित कर रहा है।

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