फर्जी न्युटिरिनो लेब नाम की वेबसाईट बनाकर देश भर में लाखों की धोखाधड़ी करने वाले साईबर ठग को उत्तराखण्ड एसटीएफ ने किया गिरप्तार
पकड़ा गया साईबर ठग है उत्तराखण्ड प्रेमनगर स्थित इंजीनियंरिंग कॉलेज का छात्र
साईबर ठग से 01 लैपटाप, 01 मोबाईल फोन, 2 पैनटेब, 04 बैंक क्रेडिट कार्ड, 02 चैंक बुक, 01 डायरी आदि सामग्री को किया गया बरामद
देहरादून ,
कुछ समय पूर्व आई4सी के पोर्टल पर हिमाचल प्रदेष, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेष, प बंगाल, चण्डीगढ़, दिल्ली आदि राज्यों से एक ही प्रकार की लगभग 30 शिकायतें मिली जिनमें नन्दा की चौकी, प्रेमनगर क्षेत्र से एक साईबर ठग अपनी फर्जी बेवसाइट न्यूट्रिनो लैब के जरियें देशभर में कई युवाओं से धोखाधड़ी की घटनाएं कर रहा था।
साईबर ठग के मोबाईल नम्बरों और बैंक खातों का विष्लेषण करने साथ साथ शिकायत करने वाले युवाओं से सम्पर्क करने पर पीड़ितों द्वारा बताया गया कि यह साईबर ठग पहले उन नवयुवकों से लिंक्डन एकाउन्ट के माध्यम से सम्पर्क करता है, फिर उन्हें अपनी कम्पनी में जॉॅब देने के नाम पर इन्टरव्यू लेकर अपनी कम्पनी न्यूटिरिनो लैब से ही पैनटेब खरीदने के लिये बाध्य कर उनसे 5000 से 6000 रूपये ऐंठ लेता और फिर उनको ब्लॉक कर देता है।
पकड़े गये साइबर ठग कृपाल शर्मा निवासी सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के विरूद्ध थाना प्रेमनगर पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक विपिन बहुगुणा द्वारा धोखाधड़ी और आईटीएक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया है। एसटीएफ की पूछताछ में साईबर ठग के दो करन्ट एकाउन्ट की भी जानकारी हुयी है जिनकी छानबीन से पता चलेगा कि उसके द्वारा अब तक कितने युवाओं से धोखाधड़ी कर कितनी धनराशि हासिल की गयी है।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अपने लिंकडेन एकाउन्ट नम्बर पर बेरोजगार युवक-युवतियों से सम्पर्क कर उनको अपनी कम्पनी में ऑन लाईन जॉब का लालच देते हुये उन्हे बताया जाता था कि उन्हे विभिन्न विषयो जैसे भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान तथा अन्य विषयों पर प्रश्न उपलब्ध कराये जायेगे, जिनके सही उत्तर की विडियो बनाकर उन्हे वेबसाईट पर अपलोड करनी है जिसका उन्हे भुगतान किया जायेगा। प्रश्नपत्र हल करने हेतु उन्हे मेरी फर्जी वेबसाईट न्यूट्रिनो.इन से पैनटैब क्रय करना है तथा उसके द्वारा उन प्रश्नों का उत्तर हल करके उसकी विडियो बनानी है और उसे भेज देना है। यह भी बताया जाता है कि यदि वे सलेक्ट नहीं हुये तो उन्हें उनका पैसा रिफन्ड कर दिया जायेगा। जब उनके द्वारा मुझे रिफन्ड के लिये सम्पर्क किया जाता तो उनको टाईम ओवर बताकर पैसा नहीं देता या उन्हे ब्लाक कर देता हूँ।