पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख मांगी सुरक्षा
देहरादून ,
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने त्यागपत्र देने की दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि 2019 में भी जिला पंचायत की प्रश्नगत मामलों को उठाने पर उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि इसलिए पुलिस प्रशासन को तत्काल उन्हें पुलिस सुरक्षा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा नहीं मिली जो वह हाईकोर्ट की शरण में जायेंगें। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से उनके त्याग पत्र स्वीकार किये जाने की खबर की पुष्टि नहीं हुई है। यहां जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके त्यागपत्र देने के दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक के साथ मुख्य सचिव, सचिव गृह, सचिव पंचायती राज, निदेशक पंचायती राज तथा जिलाधिकारी को पत्र की प्रति ईमेल से भेजते हुए पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से जिला पंचायत सदस्य का त्यागपत्र स्वीकार किए जाने की खबर की पुष्टि नहीं हुई है। मर्तोलिया ने कहा कि जिला पंचायत में उनके क्षेत्र के साथ बजट आवंटन जो पक्षपात किया गया है। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ लोकतांत्रिक तथा कानूनी लड़ाई लड़ने वाले है। उन्होंने कहा कि इससे कुछ लोगों में बौखलाहट हो सकती है और वह उनके तथा परिवार जनों के साथ को जान माल का खतरा पहुंचा सकते है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत की कुछ प्रभावी लोग उनके खिलाफ झूठा मुकदमा भी करवा सकते है। उन्होंने कहा कि 2019 में उनके ऊपर हमला किया गया है। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन को तत्काल उन्हें तथा उनके परिवार जनों को पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं दी जाती है, तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष के कार्यकाल में जिला पंचायत ने उनके क्षेत्र के साथ क्यों पक्षपात किया है, जिसकी सीमा इस वित्तीय वर्ष में लांगी गई है। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ वह लगातार संघर्ष करेंगंे। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र तथा सामुदायिक पुस्तकालय के विजन को नुकसान पहुंचाया गया है इसलिए चुपचाप बैठने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।