उत्तरकाशी में हुई हिंसा को लेकर विपक्षी दलों का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन – uttarakhandawaaz.in

उत्तरकाशी में हुई हिंसा को लेकर विपक्षी दलों का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

डीएम को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
देहरादून ,

उत्तरकाशी में हुई हिंसा के बाद आज प्रदेश भर में विपक्षी दलों एवं जन संगठनों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग की है। इस अवसर पर नफरत फैलाने वाले दंगाईयों को सरकार की ओर से संरक्षण न दिये जाने का अनुरोध किया गया है। इस अवसर पर ज्ञापन में आरोप लगाया गया की राज्य में चंद लोग एवं संगठन लगातार हिंसा और नफरत फैला रहे हैं। जनता को लगने लग गया है कि सरकार की और से इनको संरक्षण दिया जा रहा है। इन चंद लोगों ने नफरती भाषण दिए हैं, निजी एवं सरकारी सम्पत्तियों पर हमले की हैं, पथराव की हैं, लोगों पर मारपीट की है, और लोगों को अपने मकानों और दुकानों से भगाये हैं, लेकिन इन पर न दंगाई विरोधी कानून लगाया जाता है और न ही आपराधिक कानूनों के सही धाराएं लगाई जाती है और दंगा विरोधी कानून का सख्ती से पालन किया जाये। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि उत्तरकाशी के अलावा सिर्फ बीते दो महीनों के अंदर ऐसी घटनाएं कीर्तिनगर, देहरादून, नंदनगर, थराली, मसूरी, बेरीनाग, गौचर और अन्य जगहों में सामने आई है। ज्ञापन में कहा गया कि सत्ताधारी दल इन सारे बातों को नजरअंदाज कर चंद कथित घटनाओं को धार्मिक रंग दे कर, बेबुनियाद उनको किसी प्रकार का जिहाद का नाम दे कर, एक साजिश के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रही है। ज्ञापन में कहा गया कि इस माहौल में भी कई पुलिस और प्रशानिक अधिकारियों ने अपने स्तर पर निष्पक्षता के साथ कार्यवाही की हैं जो सराहनीय है लेकिन यह नकाफी है। ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई गई कि सरकार जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण देना तुरंत बंद करें और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार हिंसक घटनाएं के लिए हर जिम्मेदार व्यक्ति एवं संगठन पर सख्त कार्यवाही हो और जहां पर लोगों को खाली करने की धमकी दी गई है, वहां पर प्रभावित लोगों को सुरक्षा दी जाए। ज्ञापन में कहा गया कि 2018 के उच्चतम न्यायलय के फैसलों के अनुसार राज्य भर में भीड़ की हिंसा और नफरती भाषणों को रोकने की व्यवस्था बनाया जाएय महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर ब्लॉक पर वन स्टॉप सेंटर खोला जाए और राज्य के असली मुद्दे, जैसे वन अधिकार कानून, भू कानून, शहरों में गरीबों को घर एवं हक मिले, कल्याणकारी योजनाओं में सुधार, और रोजगार के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाऐ जाए। इस अवसर पर बताया गया कि इस तरह के कार्यक्रम रामनगर, चमियाला, उत्तरकाशी, टिहरी, मुनस्यारी, नैनीताल, गरुड़, देहरादून, जोशीमठ, कर्णप्रयाग और हरिद्वार ऊधम सिंह नगर सहित अन्य जगहों में आज हुए हैं। इस अवसर पर देहरादून में इंडिया गठबंधन की और से कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, महानगर अध्यक्ष डाॅक्टर जसविंदर सिंह गोगी, वरिष्ठ नेता याकूब सिद्दीकी, सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ एस एन सचान एवं अतुल शर्माख् आम आदमी पार्टी की उमा सिसोदिया, सीपीआई के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य समर भंडारी, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, निर्मला बिष्ट, उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, राजेंद्र शाह, मुन्ना कुमार, अरुण, रहमत और बीजीवीएस की स्वाति नेगी आदि शामिल रहे।

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