देहरादून ,
राष्ट्रवादी आरटीआई एक्टिविस्ट एंड ह्यूमन राइट्स फैडरेशन भारत की बैठक में गांधी पार्क को निजी हाथों में सौंपने की चर्चा एवं पार्क में आने जाने वालों से शुल्क लिये जाने का पुरजोर तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए फैडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह ललकार ने कहा है कि एक तरफ राज्य सरकार सिटी को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा कर रही है वहीं दूसरी ओर सिटी के मध्य में स्थित गाँधी पार्क जो की देहरादून के नागरिकों का पसंदीदा स्थल है। उन्होंने कहा कि जहां हर कोई सुबह शाम सैर कर ताजी हवा लेकर प्रकृति का आनंद लेता है वहीं बच्चे व बड़े सभी आयु वर्ग के लोग आकर शांति का अनुभव करते है परन्तु अब जिस प्रकार से यह खबरें आ रही है कि राज्य सरकार इसे निजी हाथों में सौप कर जनता से छीनने का कार्य कर रही है जबकि सरकार को पार्को का विस्तार कर जनता को प्रकृति के नजदीक लाना था परन्तु यह दुःखद है कि सरकार के इस निर्णय से जनता को शांति प्रदान करने का स्थान भी उसके हाथों से खींच जायेगा। इस अवसर पर राष्ट्रवादी आरटीआई एक्टिविस्ट एंड ह्यूमन राइट्स फैडरेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह ललकार ने कहा कि राज्य सरकार इस पर पुनः विचार कर इसे निजी हाथों को न सौंपे तथा जनहित में इसका प्रयोग जैसे अब हो रहा है ऐसे ही होता रहे। इस अवसर पर वहीं फैडरेशन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार भट्ट ने कहा कि वैसे भी इंसान प्रकृति से दूर हो गया है उसे प्रकृति के करीब लाना चाहिए न कि उसे इस से वंचित किया जाना चाहिए वहीँ उत्तराखंड प्रदेश महामंत्रीराकेश कुमार शर्मा ने कहा कि निजीकरण के नाम पर जनता के हक को छीनने का किसी को भी अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा।
