ट्रक चालक खुद देंगे सूचना तो सामान्य धाराओं में होगी कार्रवाई!

देहरादून ,

ट्रक चालकों के लिए नए कानून के विरोध में देश भर में ट्रैक के पहिए थम गए हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि दुर्घटना होने की स्थिति में ट्रक चालकों के लिए कठोर दंड का प्रावधान रखा गया है जिसे लेकर ट्रक चालक आंदोलन रथ हैं और यहां वहां ट्रक खड़े कर दिए गए हैं। उधर अब इस मामले में एक नया अपडेट यह आ रहा है कि यदि ट्रक चालक दुर्घटना स्थल से कुछ किलोमीटर आगे जाकर घटना की जानकारी 108 या पुलिस को देता है तो उसके खिलाफ पूर्व के समान धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी लेकिन यदि वह दुर्घटना के बाद भागता है तो यही कानून अमल में लाया जा सकता है।

देश भर में नए ‘हिट एंड रन’ कानून के विरोध में बस, ट्रक व कैब ड्राइवर हड़ताल कर रहे हैं। उत्तराखंड, सहित कई राज्यों में हो रही हड़ताल का असर अब सामान्य जनजीवन पर पड़ने लगा है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ लगी है। निश्चित है कि यदि समय रहते हड़ताल पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर सामान्य जनजीवन पर स्पष्ट नजर आएगा। हर बार की तरह जमा करो कि चांदी होगी तो वहीं खाद्य आपूर्ति पर होने वाले असर से महंगाई बढ़ना भी तय है। नए कानून के तहत हिट एंड रन के आरोपी को दस साल की सजा और सात लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

उधर इस बारे में अब एक नया अपडेट यह आ रहा है कि हिट एंड रन के मामले में ट्रक, बस या किसी अन्य वाहन का चालक अगर घटनास्थल से कुछ दूर जाकर पुलिस को सूचित करता है, घायल व्यक्ति की जानकारी देता है और खुद की पहचान के बारे में पुलिस को स्पष्ट तौर पर बता देता है, तो उसके खिलाफ उक्त सख्त कानून लागू नहीं होगा। सूचना देने के साथ ही उसे भविष्य में कानूनी कार्रवाई या पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर अपनी उपलब्धता का भी आश्वासन पुलिस को देना होगा।

इसके मायने यह हुए की नए कानून का प्रावधान उन चालकों पर अमल में लाया जाएगा जो हिट एंड रन के बाद मौके से फरार हो जाते हैं। इस पूरे कानून का विरोध असल में इस बात को लेकर है कि यदि दुर्घटना के बाद भी ट्रक चालक मौके पर मौजूद रहा तो उन्हें भीड़ के आक्रोश का शिकार बनना पड़ सकता है जिससे उनके जीवन पर भी खतरा पैदा हो सकता है। पूर्व भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें भीड़ में दुर्घटना के बाद ट्रक चालक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार डाला।

सूत्र बता रहे हैं कि जहां एक तरफ इस कानून में सख्ती बरती गई है तो वहीं दूसरी तरफ मदद की नियत रखने वाले ट्रक चालकों के लिए कुछ उदारता दिखाई जाएगी, जो खुद से पुलिस को सूचित करेंगे और घायलों को अस्पताल ले जाएंगे।

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