गैरसैंण विधानसभा सत्र शुरू, पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि – uttarakhandawaaz.in

गैरसैंण विधानसभा सत्र शुरू, पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि

सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट होगा पेश, 445 सवालों और नौ विधेयकों पर रहेगी नजर

गैरसैंण ,

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार को दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हो गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को प्रदेश के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के सुशासन, ईमानदारी, अनुशासन और पारदर्शी कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि देश की रक्षा से लेकर उत्तराखंड के विकास तक उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी एक अनुशासित सैनिक, समर्पित जनसेवक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपने जीवन में प्रत्येक जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ किया तथा उच्च पदों पर रहते हुए भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए खंडूड़ी ने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने जनसेवा में कदम रखा और वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा सीट से पहली बार सांसद निर्वाचित हुए। उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद में उत्तराखंड की आकांक्षाओं और पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया।

धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खंडूड़ी ने देश में सड़क संपर्क मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से देश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिली। वर्ष 2007 और 2011 में मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने पारदर्शी एवं अनुशासित शासन की मिसाल पेश की।

हीरा सिंह बिष्ट के जनसेवा में योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहा। वे श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहे। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक तथा मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिष्ट ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े क्षेत्रों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं और कार्य करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण सभी के लिए सम्मान का विषय है। बिष्ट का जीवन जनसेवा, जनता से संवाद और लोगों के सुख-दुख में भागीदारी के महत्व को दर्शाता है।

अनुपूरक बजट और 445 सवालों पर रहेगी नजर

दो दिवसीय सत्र के दौरान सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके अलावा सदन में विभिन्न विभागों से संबंधित 445 प्रश्नों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। सत्र में नौ विधेयक भी प्रस्तुत किए जाने हैं।

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मौजूदा विधानसभा का यह अंतिम सत्र होने के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। कांग्रेस ने पलायन, कानून-व्यवस्था और अंकिता भंडारी प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।

सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से मुलाकात की। उन्होंने विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

विधानसभा परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

विधानसभा सत्र को देखते हुए परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही, पूरे क्षेत्र को पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

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