माणा पास से औली तक दौड़ेगी दुनिया, मई 2027 में होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन – uttarakhandawaaz.in

माणा पास से औली तक दौड़ेगी दुनिया, मई 2027 में होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन

सीएम धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 के विजेताओं को किया सम्मानित, सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और रोजगार बढ़ाने पर दिया जोर

देहरादून ,

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार मई 2027 के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग करते हुए यह घोषणा की। प्रस्तावित दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश परिक्रमा रन की 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कृत किया और देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में उनका स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।

कठिन हिमालयी परिस्थितियों में धावकों ने दिखाया दमखम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में कठिन रास्तों, विषम मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच दौड़ में हिस्सा लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने प्रतिभागियों के साहस और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों एवं जवानों को भी सम्मानित किया।

आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ रहा पर्यटकों का आकर्षण

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने भाग लिया था। आयोजन से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।

सीमांत गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को देश के अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। इससे होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों तथा होटल और खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत गांवों से पलायन रोकने में मदद मिले।

माणा पास से बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली पहुंचेगी दौड़

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, मई 2027 के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाली ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में साहसिक दौड़ का एक महत्वपूर्ण आयोजन होगी। इसका प्रस्तावित मार्ग माणा पास से बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

ट्रेकिंग से लेकर माउंटेन साइक्लिंग तक गतिविधियों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अनुरूप सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री एवं उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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