उत्तराखंड में हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजेगा भूकम्प चेतावनी सायरन, घबराने की जरूरत नहीं – uttarakhandawaaz.in

उत्तराखंड में हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजेगा भूकम्प चेतावनी सायरन, घबराने की जरूरत नहीं

169 सेंसर और 112 सायरनों का होगा परीक्षण, भूदेव ऐप पर भी मिलेगा अलर्ट; भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की तैयारी

देहरादून ,

उत्तराखंड में भूकम्प के प्रति आमजन को जागरूक करने और राज्य की भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की कार्यक्षमता परखने के लिए प्रत्येक माह की 9 तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजाया जाएगा। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से किए जाने वाले इस परीक्षण का उद्देश्य लोगों को सायरन की आवाज से परिचित कराना और वास्तविक भूकम्प की स्थिति में उन्हें सतर्क रहने के लिए तैयार करना है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सायरन का बजना किसी वास्तविक भूकम्प का संकेत नहीं होगा, बल्कि यह पूर्व निर्धारित परीक्षण और जनजागरूकता अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत स्थापित सायरनों और सेंसरों की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। यदि कहीं कोई तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा।

राज्य में 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित

सचिव ने बताया कि वर्तमान में राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। इनके नियमित परीक्षण से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली प्रभावी ढंग से काम करे और लोगों तक समय पर सूचना पहुंच सके।

उन्होंने बताया कि राज्य में इस प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सायरनों और सेंसरों की संख्या दोगुनी करने की योजना है। इसके साथ ही लगभग 5 से 10 किलोमीटर के अंतराल पर सेंसर एवं सायरन स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से अतिरिक्त सेंसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रक्रियाधीन है। इससे भूकम्पीय गतिविधियों की निगरानी और चेतावनी देने की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।

भूदेव ऐप पर भी मिलेगा परीक्षण अलर्ट

सायरन परीक्षण के दौरान भूदेव मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन पर भी चेतावनी संदेश, वाइब्रेशन और बीप-बीप की आवाज प्राप्त होगी। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन में भूदेव ऐप का नवीनतम संस्करण इंस्टॉल या अपडेट रखें और ऐप को लोकेशन की अनुमति हमेशा के लिए प्रदान करें, ताकि वास्तविक भूकम्प की स्थिति में चेतावनी समय पर प्राप्त हो सके।

यूएसडीएमए ने आमजन से की अपील

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आमजन से अनुरोध किया है कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को सुबह 11 बजे सायरन बजने पर घबराएं नहीं। यह नियमित परीक्षण का हिस्सा है।

प्राधिकरण ने लोगों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

  • मोबाइल फोन में भूदेव ऐप का अपडेटेड संस्करण इंस्टॉल या अपडेट रखें।

  • ऐप को लोकेशन की अनुमति हमेशा के लिए दें।

  • सायरन की आवाज को ध्यान से पहचानें, ताकि वास्तविक आपदा के समय चेतावनी समझने में कठिनाई न हो।

  • परिवार के सदस्यों, बच्चों, बुजुर्गों और आसपास के लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी दें।

  • भूकम्प के दौरान सुरक्षित व्यवहार और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें तथा मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी करें।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें भूकम्प के प्रति जागरूक, सतर्क और तैयार करना है। नियमित परीक्षण से चेतावनी प्रणाली की तकनीकी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने में भी मदद मिलेगी।

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