देहरादून ,
राजधानी के प्रमुख प्रवेश द्वार आईएसबीटी देहरादून को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आईएसबीटी और मॉल परिसर के रेनोवेशन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, व्यावसायिक गतिविधियों और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
बैठक में आईएसबीटी के भूतल के बेहतर उपयोग के लिए यूटीसी कार्यालय, यूनियन कार्यालय और हिमाचल रेस्ट रूम को प्रथम तल पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। खाली होने वाले भूतल का उपयोग यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यालय को रेस्टोरेंट नंबर-2 में स्थानांतरित करने तथा वर्तमान कार्यालय को सर्वर रूम और रिकॉर्ड रूम के रूप में उपयोग करने की योजना भी बनाई गई है।
आधुनिक होंगे शौचालय, बदलेगा प्लेटफार्म का फर्श
आईएसबीटी के शौचालयों का उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जाएगा। ए-ब्लॉक का शौचालय कार्य अंतिम चरण में है। तोड़फोड़ और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए शौचालयों में न्यूनतम उपयोग शुल्क निर्धारित करने पर भी सहमति बनी है।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म का फर्श चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान आवश्यकतानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से खाली कराया जाएगा और नियमों के अनुसार किराये का समायोजन किया जाएगा।
Ola-Uber के लिए बनेगा निर्धारित बूथ
आईएसबीटी परिसर में ऑनलाइन कैब सेवाओं के लिए ओला-ऊबर सहित अन्य कैब कंपनियों के निर्धारित बूथ बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को कैब तलाशने में परेशानी नहीं होगी और परिसर में अनावश्यक भीड़ एवं जाम को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष फोकस
आईएसबीटी परिसर में शराबियों, जुआरियों और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने पर सहमति बनी है। वहीं पुरानी स्ट्रीट लाइट, लाइट पोल और पावर केबल को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा।
एसटीपी की निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए डीजी रूम से एसटीपी तक लगभग 415 मीटर 35 एमएम² x 3.5 कोर आर्मर्ड एल्यूमिनियम एलटी पावर केबल और करीब 400 मीटर 75 एमएम एचडीपीई पाइप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
मॉल परिसर का भी होगा सौंदर्यीकरण
मॉल परिसर में हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। एनएचएआई कार्यालय हटाए जाने और नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खाली हुए स्थल पर तारबाड़ और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
इसके अलावा मॉल के चिलर सिस्टम, कंडेनसर, इवापोरेटर मोटर पैनल और स्टार्टर पैनल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी और मॉल परिसर प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। यात्रियों, आमजन और व्यवसायियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी और मॉल परिसर से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।