देहरादून ,
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समाधान दिवस आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार समाधान दिवस के दौरान प्राप्त करीब 164 से 170 शिकायतों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है। प्रशासन इस व्यवस्था को लगातार अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार शिकायतों के स्वरूप में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां भूमि विवाद और सीमांकन से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रहती थी, वहीं इस बार ऐसे मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसे प्रशासन की पूर्व में की गई कार्रवाइयों और सुधारात्मक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में GIS मैपिंग लागू होने के बाद भूमि एवं संपत्ति से जुड़े मामलों का निस्तारण और अधिक पारदर्शी एवं सटीक होगा। डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली से सीमांकन संबंधी विवादों में कमी आएगी और नागरिकों को समय पर राहत मिल सकेगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से जनसेवा को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।