देहरादून ,
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार विधायक रहे हीरा सिंह बिष्ट का निधन हो गया। देर रात अचानक हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
एन.डी. तिवारी सरकार में निभाई अहम जिम्मेदारी
हीरा सिंह बिष्ट ने दिवंगत मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी के नेतृत्व वाली सरकार में परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जनहित और श्रमिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाई।
श्रमिकों की आवाज बने रहे
बिष्ट लंबे समय तक उत्तराखंड इंटक (INTUC) के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों और कर्मचारियों के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक जनसेवा का लंबा सफर
उत्तर प्रदेश के दौर से लेकर पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद तक हीरा सिंह बिष्ट ने सक्रिय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। तीन बार विधायक रहे बिष्ट हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे और सरल, सौम्य एवं जनप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते थे।
राजनीतिक जगत ने जताया शोक
हीरा सिंह बिष्ट के निधन की खबर फैलते ही कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी, जननायक और समर्पित जनसेवक को खो दिया।