देहरादून ,
पिटकुल (पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभालते ही पी.सी. ध्यानी एक्शन मोड में नजर आए। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने निगम मुख्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उनके सक्रिय रुख से निगम के कार्मिकों में भी उत्साह का माहौल देखा गया।
प्रबंध निदेशक ने प्रान्तीय भार निस्तारण केन्द्र, मानव संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट, कॉरपोरेट प्लानिंग, स्काडा और वित्त विभाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रान्तीय भार निस्तारण केन्द्र से क्षेत्रीय अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर निर्देश दिए कि राज्य में सभी स्तरों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में पिटकुल के पारेषण तंत्र के संचालन में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। ध्यानी ने 400 केवी उपकेंद्र काशीपुर में 500 एमवीए ट्रांसफार्मर तथा 220 केवी उपकेंद्र ऋषिकेश में 160 एमवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य अभियंता, गढ़वाल क्षेत्र को 400 केवी उपकेंद्र श्रीनगर में क्षतिग्रस्त 160 एमवीए ट्रांसफार्मर की बुशिंग तथा 400 केवी उपकेंद्र ऋषिकेश के खराब सर्किट ब्रेकर को शीघ्र बदलने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा 132 केवी माजरा–झाझरा, सितारगंज–सितारगंज, सितारगंज–किच्छा, चिल्ला–भूपतवाला–ऋषिकेश तथा 220 केवी पुहाना–रुड़की और ऋषिकेश–सिडकुल पारेषण लाइनों में उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस (हाई टेंशन लो सैग) कंडक्टर लगाने के प्रस्तावित कार्यों को कार्ययोजना के अनुसार तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (स्तर-1) ईला चन्द्र, मुख्य अभियंता पंकज कुमार, मन्त राम, महाप्रबंधक (वित्त) मनोज कुमार तथा अधीक्षण अभियंता (सं) एस.पी. आर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि पी.सी. ध्यानी के पूर्व कार्यकाल में भी पिटकुल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित समय से पहले पूरी हुई थीं। ऐसे में उनके दोबारा सक्रिय नेतृत्व से निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में सकारात्मक उम्मीदें बढ़ी हैं।