एमडीडीए ने विकास परियोजनाओं में लाई तेजी, जुलाई से आवास आवंटन और कब्जा प्रक्रिया होगी शुरू

देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज कर दी है। बुधवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता एवं समयसीमा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने पर भी जोर दिया गया।

सिटी फॉरेस्ट बनेगा हरित विकास का मॉडल

सहस्त्रधारा रोड स्थित सिटी फॉरेस्ट के निरीक्षण के दौरान पार्क को आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने ट्री हाउस के नवीनीकरण, पैदल मार्गों के सौंदर्यीकरण, बांस रोपण, लोटस फाउंटेन और भारत माता मंदिर के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि पार्क में स्थापित 120 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट बिजली खर्च में लगभग 90 प्रतिशत तक की बचत कर रहा है, जो हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जुलाई से मिलेगा आवासों का कब्जा

निरीक्षण के दौरान आमवाला तरला आवासीय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलाई माह से लाभार्थियों को आवासों का कब्जा सौंपना सुनिश्चित किया जाए।

वहीं धौलास आवासीय योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित टावरों में 30 जुलाई से आवंटन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।

कालसी यमुना घाट का जुलाई में होगा लोकार्पण

कालसी यमुना घाट परियोजना का निरीक्षण करते हुए उपाध्यक्ष ने कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और जुलाई माह तक लोकार्पण की सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कचरा निस्तारण के लिए बनेगी संयुक्त रणनीति

ट्रेंचिंग ग्राउंड के निरीक्षण के दौरान कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उसके पुनः उपयोग को लेकर विशेष चर्चा हुई। इस संबंध में नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति तैयार करने पर बल दिया गया।

अवैध निर्माणों पर जारी रहेगी सख्ती

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और नियोजित शहरी विकास के नए मानक स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और जनहित के साथ गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *