देहरादून ,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में 210 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और डाटकाली मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बिहू की शुभकामनाएं दीं तथा कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, जिससे देशभर के श्रद्धालु जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश को नई दिशा दिखाई है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि केंद्र सरकार संविधान की भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे देश की “भाग्य रेखाएं” बन रही हैं, जो आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं। बीते एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश हुआ है और उत्तराखंड में भी बड़े पैमाने पर परियोजनाएं चल रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से समय, ईंधन और लागत की बचत होगी तथा किसानों को अपने उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म और “वेड इन उत्तराखंड” जैसे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ रहा है। साथ ही विकास कार्यों में पर्यावरण और वन्यजीवों का ध्यान रखने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि तीर्थ स्थलों को साफ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगामी हरिद्वार कुंभ और नंदा देवी राजजात का भी उल्लेख किया।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को याद करते हुए पूर्व सैनिकों के लिए लागू वन रैंक वन पेंशन योजना का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति, देवभक्ति और विकास को साथ लेकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।