जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण को 568.85 लाख रुपये मंजूर, 16 स्कूलों में होंगे निर्माण कार्य

देहरादून,

प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार ने इन विद्यालयों के भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए 568.85 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। साथ ही निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी नामित कर दी गई हैं। इस संबंध में शासन स्तर से शीघ्र आदेश जारी किए जाएंगे।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचना विकास और शिक्षकों की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

सरकार ने रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून और चमोली जिलों में स्थित 16 राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की है।

रुद्रप्रयाग जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसौली एवं सल्या के लिए 32-32 लाख रुपये तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल के लिए 40.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई के लिए 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष एवं प्रधानाध्यापक कक्ष निर्माण हेतु 20.47 लाख तथा मल्ला वल्थी के लिए 20.30 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन (34.86 लाख), सौन्दकोटी मल्ली (37.36 लाख), मंजूरीडागर (39.94 लाख) तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा (29.59 लाख) के पुनर्निर्माण को स्वीकृति दी गई है।

चमोली जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण हेतु 77.11 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

देहरादून जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के लिए 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर, जाखन के लिए 36.87 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इन निर्माण कार्यों के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग एवं पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों में मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से शीघ्र पूर्ण किया जाए।

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