देहरादून ,
उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए रविवार का दिन परेशानी भरा हो सकता है। ऊर्जा निगम (UPCL) ने प्रदेश के कई संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख शहरों में मेंटेनेंस व मरम्मत कार्यों के चलते लंबी बिजली कटौती का ऐलान किया है। निगम के अनुसार मानसून से पहले बिजली लाइनों के रखरखाव और सब-स्टेशनों के अपग्रेडेशन के लिए यह शटडाउन जरूरी है।
राजधानी देहरादून सहित नैनीताल, हल्द्वानी और हरिद्वार के कई इलाकों में सुबह से देर शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है।
देहरादून में इन इलाकों पर पड़ेगा असर
राजधानी के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली कटौती का व्यापक प्रभाव् प्रभाव रहेगा।
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मुख्य इलाके: राजपुर रोड, ईसी रोड, जाखन, डालनवाला और क्लेमेंटाउन के कुछ हिस्सों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली गुल रह सकती है।
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स्मार्ट सिटी कार्य: परेड ग्राउंड और लैंसडाउन चौक के आसपास स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बिजली लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य किया जाएगा, जिससे यहां भी आपूर्ति बाधित रहेगी।
कुमाऊं और अन्य जिलों की स्थिति
गढ़वाल के साथ-साथ कुमाऊं मंडल में भी कई घंटों का शटडाउन प्रस्तावित है।
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हल्द्वानी और काठगोदाम: नए ट्रांसफार्मर लगाने और पेड़ों की लोपिंग के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली कटौती।
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हरिद्वार और ऋषिकेश: सिडकुल क्षेत्र और ऋषिकेश के कुछ ग्रामीण इलाकों में लाइनों की मरम्मत के चलते 4 से 6 घंटे तक बिजली नहीं रहेगी।
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पहाड़ी जिले: अल्मोड़ा और पौड़ी के कुछ फीडरों पर भी मेंटेनेंस के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी।
क्यों जरूरी है यह कटौती?
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार गर्मियों के पीक सीजन और आगामी चारधाम यात्रा के दौरान बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
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ओवरलोडिंग से बचाव: पुराने तारों और जर्जर खंभों को बदला जाएगा।
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ब्रेकडाउन में कमी: मेंटेनेंस के बाद अचानक फॉल्ट और लंबे ब्रेकडाउन की समस्या कम होगी।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएं बनाएं।
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पानी का भंडारण: बिजली न रहने से पंपिंग प्रभावित हो सकती है, इसलिए पहले से पानी भर लें।
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इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल, लैपटॉप और इन्वर्टर पहले ही चार्ज कर लें।
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शिकायत केंद्र: किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें।
यूपीसीएल के प्रवक्ता ने कहा,
“हमारा प्रयास है कि मेंटेनेंस कार्य तय समय में पूरा कर लिया जाए ताकि उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो। कुछ क्षेत्रों में काम जल्दी पूरा होने पर बिजली आपूर्ति समय से पहले भी बहाल की जा सकती है।”