उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने की ‘माल्टा मिशन’ शुरू करने की घोषणा

देहरादून ,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय उद्यान सर्किट हाउस, गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के माल्टा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा दिल्ली में भी माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों से आए माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने माल्टा, नींबू एवं नींबू वर्गीय फलों से तैयार विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान और परंपरा से जुड़ा फल है तथा राज्य की आर्थिकी और समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। इसी क्रम में अब राज्य में माल्टा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए माल्टा मिशन की शुरुआत की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के प्रत्येक जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी माल्टा महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि खेती और बागवानी के क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और प्रोत्साहन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराने में गेम चेंजर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा और गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके साथ ही बागान लगाने पर 50 प्रतिशत, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महक क्रांति’ के माध्यम से राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल से आए माल्टा उत्पादक हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं और इस वर्ष भी 200 नए पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों से भी उनसे प्रेरणा लेकर बागवानी की संभावनाओं को साकार करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव किसानों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले पांच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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