मानव–वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डीएम सविन बंसल ने की समीक्षा बैठक, त्वरित रिस्पॉन्स टीम के गठन के निर्देश

देहरादून ,
राजधानी स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अब तक किए गए प्रयासों, विभागीय आवश्यकताओं तथा सामने आ रही चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी ने वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक लगाने, रात्रि गश्त बढ़ाने, त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर समस्या है, जिसके समाधान के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

डीएम ने संवेदनशील एवं रिहायशी इलाकों से जंगली जानवरों को दूर भगाने के लिए सेंसर बेस्ड तेज आवाज करने वाले उपकरण (एनाइडर), सोलर लाइट, कैमरे, फोकस लाइट सहित अन्य आधुनिक उपकरणों की खरीद हेतु मौके पर ही वन विभाग को बजट स्वीकृत किया। साथ ही नियमित निगरानी बढ़ाने और त्वरित प्रक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित आदान–प्रदान के लिए एक क्विक रिस्पॉन्स ग्रुप का गठन किया जाए। इस ग्रुप में सीएमओ, पुलिस, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही रिस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी।

बैठक में डीएफओ द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद देहरादून में वन विभाग के अंतर्गत कुल 84059.2 हेक्टेयर वन क्षेत्र है, जिसमें 49871.88 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र शामिल है। वर्ष 2010 से 2025 तक वन्यजीव हमलों में मानव मृत्यु के मामलों में ₹91 लाख, मानव घायल मामलों में ₹17 लाख तथा फसल क्षति में ₹85.58 लाख की मुआवजा राशि वितरित की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने विभाग को बजट स्वीकृत करते हुए प्रोएक्टिव तरीके से मानव–वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के निर्देश दिए।

बैठक में डीएफओ अमित कंवर, डीएफओ मयंक गर्ग, डीएफओ वैभव कुमार सिंह, एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा ढौडियाल, सीओ मनोज असवाल, तहसीलदार रूपसिंह, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, सरिता भट्ट, डीडीएमओ ऋषभ कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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